नई दिल्‍ली, जेएनएन/एजेंसियां। कोरोना के ओमीक्रोन (Omicron) वैरिएंट को लेकर उभर रही चिंताओं के बीच कर्नाटक (Karnatka) के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के. सुधाकर (K Sudhakara) ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से हाल ही में बेंगलुरु आए दो लोगों में से एक का नमूना 'डेल्टा वैरिएंट' से अलग है। इस व्‍यक्ति में पाया गया वायरस डेल्टा वैरिएंट से अलग दिखता है। वहीं महाराष्‍ट्र के ठाणे में दक्षिण अफ्रीका से लौटे एक शख्स को कोरोना से संक्रमित पाया गया है। संक्रमित पाए गए इस 32 वर्षीय व्‍यक्ति के नमूने को 'जीनोम सीक्वेंसिंग' के लिए भेजा गया है। मध्य प्रदेश बोत्सवाना की एक महिला की तलाश की जा रही है जो 18 नवंबर को जबलपुर आई थी।

बयान से गहराई आशंका 

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डा. के सुधाकर ने कहा कि पिछले नौ महीनों से केवल डेल्टा स्वरूप के मामले आए हैं लेकिन आप कह रहे हैं कि नमूनों में से एक ओमीक्रोन का वैरिएंट है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि वह इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कोई ठोस बयान नहीं दे पाएंगे। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुता‍बिक उन्‍होंने कहा कि मैं आईसीएमआर और केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हूं। दक्षिण अफ्रीका से आए इस व्‍यक्ति के नमूने को आईसीएमआर के पास भेजा गया है। यात्री की अभी तक की कोविड जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि वह कोरोना के एक अलग वैरिएंट से संक्रमित हुआ है।

डेल्टा वैरिएंट से अलग दिखता है यह वायरस

के. सुधाकर ने कहा कि 63 साल के इस शख्‍स के नाम का खुलासा मैं नहीं करूंगा जिसकी रिपोर्ट थोड़ी अलग है। इसमें पाया गया वायरस डेल्टा वैरिएंट से अलग दिखता है। हम आईसीएमआर के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद ही बता पाएंगे कि यह असल में क्‍या है। हम मंगलवार को अपने विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर के चिकित्‍सकों के साथ एक बैठक करेंगे। हमने ओमीक्रोन वैरिएंट पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हमें एक दिसंबर को स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि ओमीक्रोन कैसे व्यवहार करता है और इसके अनुरूप हम सभी उपाय शुरू करेंगे।

ज्‍यादा खतरनाक नहीं है ओमीक्रोन वैरिएंट

डा. के. सुधाकर ने कहा कि हम पिछले 14 दिनों में दक्षिण अफ्रीका से आए सभी लोगों पर करीब से नजर रख रहे हैं। यही नहीं हमने एहतियात के तौर पर इन यात्रियों के प्राथमिक और द्वितीयक संपर्कों का पता लगाना और उनकी जांच करना जारी है। मैंने दक्षिण अफ्रीका में काम कर रहे अपने चिकित्‍सकों से बात की है जिनका कहना है कि ओमीक्रोन वैरिएंट डेल्टा के जितना खतरनाक नहीं है। इसकी चपेट में आए संक्रमितों को बेचैनी और उल्टी की परेशानियों होती हैं। कभी-कभी BP भी बढ़ जाती है लेकिन इन मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर कम है। यही नहीं इनका स्वाद और गंध का अनुभव भी बना रहता है।

लगातार तीसरे दिन मिले 10 हजार से कम केस

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले तीन दिनों से लगातार संक्रमण के नए मामले 10 हजार से कम मिल रहे हैं। 24 घंटे में 8,309 नए मामले मिले हैं और 236 लोगों की जान गई है इनमें से आधे से अधिक मामले और मौतें अकेले केरल से हैं।

देश में कोरोना की स्थिति

24 घंटे में नए मामले 8,309

कुल सक्रिय मामले 1,03,859

24 घंटे में टीकाकरण 42.04 लाख

कुल टीकाकरण 123.07 करोड़

सक्रिय मामलों में कमी

मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में सक्रिय मामलों में भी 1,832 की कमी आई है और वर्तमान में सक्रिय मामले घटकर 1,03,859 रह गए हैं जो 544 दिन में सबसे कम और कुल मामलों का 0.30 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 56 दिन से दो प्रतिशत से नीचे और साप्ताहिक संक्रमण दर 15 दिन से एक प्रतिशत से नीचे बनी हुई है।

सोमवार सुबह 08:00 बजे तक कोरोना की स्थिति

नए मामले 8,309

कुल मामले 3,45,80,832

सक्रिय मामले 1,03,859

मौतें (24 घंटे में) 236

कुल मौतें 4,68,790

ठीक होने की दर 98.34 प्रतिशत

मृत्यु दर 1.36 प्रतिशत

पाजिटिविटी दर 1.09 प्रतिशत

सा.पाजिटिविटी दर 0.85 प्रतिशत

अब तक 123 करोड़ से अधिक डोज लगाई गईं

कोविन पोर्टल के शाम छह बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में कोरोना रोधी वैक्सीन की कुल 123.07 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं। इनमें 78.70 करोड़ पहली और 44.36 करोड़ दूसरी डोज शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से पहली डोज से लगभग दोगुना से ज्यादा दूसरी डोज लगाई जा रही हैं। मंत्रालय के मुताबिक केंद्र ने अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 137 करोड़ से अधिक डोज मुहैया कराई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी 24.61 करोड़ डोज शेष बची हैं। 

Edited By: Krishna Bihari Singh