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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

16 राज्यों में पहुंचा ओमिक्रोन, टीकाकरण बढ़ाने और नाइट कर्फ्यू लगाने का न‍िर्देश

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Thu, 23 Dec 2021 08:23 PM (IST)Updated: Thu, 23 Dec 2021 11:10 PM (IST)

Omicron variant Updates देश में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रोन तेजी से पांव पसार रहा है और 16 राज्यों ...और पढ़ें

नए ओमिक्रोन वैरिएंट ने चिंता को और बढ़ा दिया है।
नए ओमिक्रोन वैरिएंट ने चिंता को और बढ़ा दिया है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रोन तेजी से पांव पसार रहा है और 16 राज्यों तक इसका संक्रमण पहुंच गया है। गुरुवार को 5 राज्यों में ओमिक्रोन के 87 नए केस सामने आए। तमिलनाडु में 33, महाराष्ट्र में 23, तेलंगाना में 14, कर्नाटक में 12, गुजरात में 7 और केरल में 5 मामले सामने आए हैं। अब तक देश में इस वैरिएंट के 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। लिहाजा सरकार भी सतर्क हो गई है। गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संदर्भ में एक बैठक कर हालात की समीक्षा की। इस बैठक में शीर्ष अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे।

चुनावी राज्यों में टीकाकरण बढ़ाने की सलाह

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उन राज्यों में टीकाकरण बढ़ाने की सलाह दी गई है, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, क्रिसमस और नए साल के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने और पाजिटिविटी दर, मामले दोगुने होने की दर, नए मामलों के क्लस्टर पर नजर रखने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की सलाह दी गई है। कोरोना व उसके ओमिक्रोन वैरिएंट से लड़ने में राज्यों की तैयारी और टीकाकरण की प्रगति की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को ढील नहीं डालने और अपनी तैयारी बनाए रखने की सलाह दी।

कहा, क्रिसमस व नए साल के मद्देनजर पाजिटिविटी दर पर नजर रखें राज्य

उन्होंने दोहराया कि अगर पाजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से अधिक होती है या आक्सीजन बेड्स 40 प्रतिशत से अधिक भर जाते हैं तो स्थानीय प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाए जाएं। हालांकि जनसंख्या घनत्व और संक्रमण की तीव्रता अधिक होने पर उक्त सीमा तक पहुंचने से पहले भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी प्रतिबंध कम से कम 14 दिनों के लिए लगाए जाने चाहिए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, अधिक संक्रमण दर और दोगुने होने की अधिक रफ्तार के साथ चूंकि ओमिक्रोन संक्रमण के लक्षण काफी हद तक सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हैं इसलिए इसकी रोकथाम के लिए सिंड्रोमिक एप्रोच का सहारा लिया जा सकता है।

इस क्रम में राज्यों को रात्रि कर्फ्यू लगाने, बड़ा जमावड़ा रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने और मामले बढ़ने पर तत्काल कंटेनमेंट जोन या बफर जोन अधिसूचित करने की सलाह दी गई है।टीकाकरण के बारे में राज्यों को तेजी से सौ प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है, जिसमें उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां पहली और दूसरी डोज की कवरेज राष्ट्रीय औसत से कम है। साथ ही उनसे क्लस्टर्स से सभी नमूनों को तत्काल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजने के लिए कहा गया है।

राज्‍यों को कार्ययोजना तैयार रखने को कहा

राज्यों से कंटेनमेंट जोन में घर-घर जाकर टेस्ट करने और आरटीपीसीआर व आरएटी टेस्ट का 60:40 का अनुपात सुनिश्चित करने को कहा गया है। हालांकि इस अनुपात को 70:30 तक बढ़ाया जा सकता है। राज्यों से सभी कोरोना पाजिटिव व्यक्तियों की समय पर कांटेक्ट ट्रेसिंग करने और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी करने के लिए 'एयर सुविधा' पोर्टल का इस्तेमाल करने को भी कहा गया है। कई राज्य कोरोना अस्पतालों को खत्म कर चुके हैं, उनसे कोरोना मामले बढ़ने की संभावना के मद्देनजर कार्ययोजना तैयार रखने को कहा गया है।