जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: भारत समेत पूरी दुनिया पर ओमिक्रोन का साया गहरा गया है। ओमिक्रोन भारत के 28 राज्यों समेत पूरी दुनिया के 149 देशों में फैल चुका है, जहां संक्रमण दर के साथ-साथ संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। राहत की बात सिर्फ यह है कि पहले से लग चुकी वैक्सीन न सिर्फ संक्रमित होने से बचा रही है, बल्कि अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत को भी काफी कम कर रही है। यही कारण है कि सरकार ने सभी लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीन लेने की फिर अपील की है।

उच्चतम स्तर पर पहुंची संक्रमित मरीजों की संख्या

भारत और पूरी दुनिया में ओमिक्रोन के कारण पैदा हुए हालात की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 10 जनवरी को 31 लाख 59 हजार के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई और सक्रिय मरीजों की संख्या चार करोड़ 70 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। भारत में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चार जनवरी को जहां केवल 78 जिलों में संक्रमण की दर पांच फीसद से अधिक थी, 11 जनवरी को 300 जिलों में संक्रमण की दर पांच फीसद को पार कर गई।

वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित होने की आशंका कम

कोलकाता शहर में संक्रमण की दर 60 फीसद से अधिक पहुंच गई है, जबकि पूरे बंगाल में 32 फीसद से ऊपर है। 12 जनवरी को एक लाख 94 हजार नए मामलों के साथ कुल सक्रिय मरीजों की संख्या नौ लाख 55 हजार से अधिक हो गई है।लव अग्रवाल ने न्यूयार्क शहर में जुटाए गए डाटा के आधार पर बताया कि वैक्सीन नहीं की तुलना में वैक्सीन के दोनों डोज लेने वालों के ओमिक्रोन से संक्रमित होने की आशंका 78 फीसद कम होती है। इसी तरह से वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को अस्पताल में भर्ती कराने की 90.2 फीसद से 95.7 फीसद तक कम जरूरत पड़ती है। भारत में ओमिक्रोन संक्रमण की स्थिति साफ होने लगी है और उसी के अनुरूप सरकार ने तीन स्तरीय रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।

हफ्ते भर में ठीक हो रहे हैं संक्रमित

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ओमिक्रोन के कारण आई तीसरी लहर में 96 फीसद तक मरीजों में लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं और वे होम आइसोलेसन में ही रहकर तीन से सात दिन में पूरी तरह ठीक हो जा रहे हैं। अधिकांशत: उन्हीं मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है, जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय की पहली रणनीति होम आइसोलेशन के मरीजों की निगरानी का पुख्ता तंत्र खड़ा है। दूसरी रणनीति जिला स्तर पर पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस का इंतजाम करना है ताकि स्थिति बिगड़ने की स्थिति में किसी संक्रमित को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।

किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी

तीसरी रणनीति किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार रहने की है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण एक दिन में भारत में 20 लाख तक मामले भी आ सकते हैं। ऐसे में पांच फीसद मरीजों के लिए बड़े पैमाने पर कोविड बेड, आक्सीजन और वेंटीलेटर की जरूरत पड़ सकती है। इसीलिए राज्यों को बार-बार इसकी तैयारी के लिए कहा जा रहा है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी मुख्य जोर इन्हीं तैयारियों पर हो सकता है।

Edited By: Amit Singh