नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 2018 बैच  के ट्रेनिंग अधिकारियों ने गुरुवार को संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की। ट्रेनिंग अधिकारियों को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा कि सीआरपीएफ जम्मू और कश्मीर, उत्तर पूर्व और वामपंथी चरमपंथ प्रभावित राज्यों जैसे कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरण में तैनात है। साथ ही उन्होंने अपने अनुशासन और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए सेना की सराहना की।

बिड़ला ने कहा कि  इस साल के शुरू में पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की कुर्बानियों के कारण सीआरपीएफ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रही है। भारतीय लोकतंत्र सबसे पारदर्शी और निष्पक्ष होने के लिए दुनिया भर में जाना जाता है और यह है कि सीआरपीएफ पूरे साल चुनावों के पेशेवर संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि आंतरिक सुरक्षा-संबंधी कर्तव्यों में समर्पण और अनुशासन के साथ-साथ अत्यधिक व्यावसायिकता और संवेदनशीलता की मांग है।              

बातचीत के अंत में, इकट्ठे ट्रेनिंग अधिकारियों ने स्पीकर को उनके संबोधन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। 43 ट्रेनिंग अधिकारियों में से पांच महिला अधिकारी हैं। वर्तमान में वे हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित सीआरपीएफ अकादमी में पचास-हफ़्ते की ट्रेनिंग कर रही है। वहीं आज गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के काम की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने सीआरपीएफ के शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्र पर हमेशा ही उनके बलिदान का ऋणी रहेगा।         

उन्होंने आगे कहा कि कच्छ में भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित सरदार पोस्ट के गौरवशाली अतिहास को हर भारतीय को जरुर जानना चाहिए। पाकिस्तान की पूरी इन्फैन्ट्री ब्रिगेड ने 9 अप्रैल 1965 रको सरदार पोस्ट पर हमला किया था। जिसे हमारी सीआपीएफ ने सिर्फ दो कंपनियों ने विफल कर मुंहतोड़ जवाब दिया था।            

Posted By: Ayushi Tyagi

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