रायपुर, जेएनएन। पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह सरकार में सबसे ताकतवर अफसर रहे तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मिन सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मुकदमा दर्ज किया है।

अमन सिंह पर अपने पद का दुरुपयोग करने, भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, शेल कंपनी बनाकर मनी लांड्रिंग करने, विदेश में निवेश करने तथा छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) में तैनाती के दौरान अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाया गए थे। ईओडब्ल्यू की प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि अमन सिंह और यास्मिन सिंह के पास छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग के अलावा भोपाल, दिल्ली में अचल संपत्ति है। इसके अलावा नोएडा, गुड़गांव, बेंगलुरू और विदेशों में अचल संपत्ति पाए जाने की संभावना है, जिसकी जांच की जा रही है।

करोड़ों की हुई मनी लांड्रिंग

यास्मिन सिंह की पंचायत विभाग में डायरेक्टर सीसीडीयू के पद पर नियम विरुद्ध नियुक्ति की गई थी। इनके द्वारा व्यास माइंस एंड मिनरल, सृष्टि नेचुरल रिसोर्सेज एंड माइनिंग, वाईएन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन और मिसडुडिंग कारगिल इंडिया लिमिटेड के नाम से शैल कंपनी के माध्यम से करोड़ों की मनी लांड्रिंग की गई।

दोनों के खातों में लाखों का रुपये का लेनेदेन

अधिकारियों ने बताया कि अमन सिंह वाईएन सिंह मोमोरियल फाउंडेश के प्रमोटर रहे। उनकी पत्नी यास्मिन सिंह शासकीय विभाग में संविदा नियुक्ति के दौरान प्राइवेट कपंनी सृष्टि नेचुरल में भागीदार रहीं, लेकिन इसकी सूचना शासन को नहीं दी। यास्मिन के बचत खाते में कारगिल इंडिया के खाते से करोड़ों रुपये का ट्रांजक्शन हुआ, जिसकी सूचना नहीं दी। जांच में पाया गया कि दोनों के खातों में लाखों रुपये का लेनदेन और प्रतिभूतियों के रूप में निवेश किया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

ईओडब्ल्यू के एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि अमन और यास्मिन सिंह पर अपराध क्रमांक 09/2020 धारा 13(1)बी, 13(2) भ्रनिअ 1988, संशोधित अधिनियम 2018, 120(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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