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एनटीए ने शुरू की नीट- 2027 की तैयारी, लीक फ्री परीक्षा कराने पर रहेगा जोर; AICTE से मांगी मदद

Published: Fri, 04 Sep 2026 02:00 AM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 05:58 AM (IST)

मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षा नीट- यूजी के पेपर लीक मामले में फजीहत के बाद राष्ट्रीय परीक्षा ...और पढ़ें

एनटीए ने शुरू की नीट- 2027 की तैयारी (फोटो- एक्स)

एनटीए ने शुरू की नीट- 2027 की तैयारी (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. सीबीटी मोड में परीक्षा के लिए आईटी बुनियादी ढांचे और उपलब्ध स्थानों की जानकारी जुटाने को कहा 

  2. सख्त मानकों के आधार पर आकलन के बाद ही किया जाना है परीक्षा केंद्रों का चयन 

पीटीआई, नई दिल्ली। मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की परीक्षा नीट- यूजी के पेपर लीक मामले में फजीहत के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अगले साल यह परीक्षा कंप्यूटर के जरिये कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र विकसित करने के लिए एनटीए ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) से अनुरोध किया है कि वह सरकारी संस्थानों से उनके आइटी बुनियादी ढांचे और उपलब्ध स्थानों की जानकारी जुटाए।

एआइसीटीइ ने अपने अधीन आने वाले सरकारी संस्थानों से उपलब्ध सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) ढांचे तथा स्थान का ब्योरा मांगा है ताकि देशभर में मानक परीक्षा केंद्र (एसटीसी) स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया जा सके।

एआइसीटीई ने स्पष्ट किया है कि जानकारी केवल एआइसीटीई से अनुमोदन प्राप्त सरकारी कॉलेजों और संस्थानों से मांगी गई है।एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के केंद्रों का काम छोटे प्राइवेट संस्थानों को आउटसोर्स नहीं किया जा सकता और सख्त मानकों के आधार पर आकलन के बाद ही केंद्रों का चयन किया जाना है।

तकनीकी शिक्षा नियामक होने के नाते एआईसीटीई के पास ऐसे कई तकनीकी कालेज हैं, जहां आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद है।

यह कदम एनटीए में चल रहे व्यापक सुधार के बीच उठाया गया है। प्रश्नपत्र लीक की घटना के बाद देशभर में हुए विरोध के बीच केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2027 से कागज-कलम आधारित परीक्षा के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित की जाएगी।

एआईसीटीई ने संस्थानों के प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा, परीक्षा के तरीकों को चरणबद्ध तरीके से बदलने और भौगोलिक रूप से अधिक व्यापक परीक्षा केंद्रों के नेटवर्क की आवश्यकता को देखते हुए एनटीए द्वारा देशभर के सरकारी संस्थानों में उपयुक्त बुनियादी ढांचे की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है।

संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि उनके द्वारा दी जाने वाली सभी जानकारियां सटीक, पूर्ण और संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित हों।

तकनीकी शिक्षा नियामक ने संस्थानों को प्रारूप भी उपलब्ध कराया है, जिसमें कार्यरत कंप्यूटरों की संख्या, अन्य आईटी ढांचे, नेटवर्किंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, सीसीटीवी और संबंधित सुविधाओं का ब्योरा मांगा गया है। इसके अलावा संस्थानों में उपलब्ध खाली स्थान की जानकारी भी मांगी गई है।