जनवरी 2027 से श्रम सर्वेक्षण सर्वे सैंपलिंग में बदलाव करेगा NSO, गिग वर्कर्स पर रहेगा फोकस
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) जनवरी 2027 से पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे के सैंपलिंग डिजाइन में बदलाव करेगा।

एनएसओ जनवरी 2027 से श्रम सर्वे डिजाइन बदलेगा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने जनवरी 2027 से पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे के सैंपलिंग डिजाइन में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है।
यह कदम बदलते भारतीय बाजार के स्वरूप को देखते हुए, खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े काम करने वालों (गिग वर्कस) को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, 2027-2028 की दो साल की अवधि के लिए एक अपडेटेड सैंपलिंग फ्रेम से नए सैंपल लिए जाएंगे। सर्वे शेड्यूल में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।
सर्वे 2026 के अनुभवों से पता चला कि मौजूदा व्यवस्था में डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने वाले पर्याप्त लोगों को शामिल नहीं किया जा सका था। अब ऐसे लोगों के लिए एक नया सेकेंड स्टेज स्ट्रैटम जोड़ा जा रहा है, जबकि मौजूदा स्ट्रैटम स्ट्रक्चर और बनावट को वैसे ही रखा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चार और शहरी क्षेत्रों में पांच उप वर्ग बनेंगे। चुने गए हर प्राथमिक इकाई से 14 परिवारों को सर्वे में शामिल किया जाएगा।
इस बदलाव से डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने वालों की कवरेज बेहतर होने की उम्मीद है। इससे श्रम बाजार के इस उभरते हुए हिस्से के बारे में और अधिक व्यापक डाटा इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।
(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
