नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को दावा किया कि पाकिस्तान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तरीय बातचीत का कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान से बातचीत को लेकर भाजपा अपने पुराने रुख से पीछे हट गई है।

उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि भाजपा की हमेशा से यही नीति रही है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। इसलिए यूपीए के दस साल के शासनकाल में भाजपा विशेष रूप से मनमोहन सिंह की कड़ी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद में इजाफा हुआ है। सिर्फ उधमपुर और गुरुदासपुर के आतंकी हमले ही नहीं बल्कि अनवरत कई आतंकी वारदातें होती रही हैं। यहां तक कि आज भी आतंकी हमला हुआ जिसमें एक पुलिस कर्मी शहीद हो गया।

वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री रहे सिन्हा ने कहा कि वाजपेयी शासन में पाकिस्तान से निबटने के छह साल के अनुभव के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे थे कि आतंकी घटनाएं और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती।

Posted By: Rajesh Niranjan

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