नई दिल्ली, एएनआइ। एक पाकिस्तानी सैन्य दिग्गज ने आरोप लगाया है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल पश्तून आदिवासी इलाकों और बलूचिस्तान में विद्रोही समूहों में तत्वों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पाकिस्तान सेना को कश्मीर मुद्दे से दूर किया जा सके और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों को संभालने पर ध्यान केंद्रित करें।

'डोभाल डर्टी वॉर' नामक एक लेख में, वरिष्ठ पाकिस्तानी स्तंभकार और सेवानिवृत्त पाकिस्तान वायु सेना के अधिकारी एयर वाइस मार्शल शहजाद चौधरी ने 22 नवंबर को ट्रिब्यून डॉट कॉम पर प्रकाशित एक संपादकीय में कहा, 'RAW, पाकिस्तान के खिलाफ एक प्लान के तहत TTP तत्वों और बलूचिस्तान में अल्लाह नाजर और बीएलए के साथ समन्वय कर पाकिस्तान में अगली वॉर की तैयारी में हैं।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसा काफी समय से हो रहा है और बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ रहा है। डोभाल पाकिस्तान को कश्मीर से दूर करने के लिए और खुद सीमाओं के भीतर काम करने के इरादे से ऐसा कर रहे हैं।

पाकिस्तानी अधिकारी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नवाज शरीफ जैसे राजनेता खुलेआम पाकिस्तान की सेना के शीर्ष अधिकारियों पर देश में चुनाव में धांधली करने और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं। 

सेवानिवृत्त पाकिस्तान वायु सेना के कार्यालय ने दावा किया कि अगर कश्मीर में पाकिस्तान किसी प्रकार की कोई गड़बड़ करता है तो बलूचिस्तान के जरिए भारत बदला लेगा। संपादकीय में चौधरी ने यह भी आरोप लगाया, 'अनुच्छेद 370 और 35A का हटना भी डोभाल की ही योजना।' चौधरी ने दावा किया कि डोभाल, जिन्होंने आधिकारिक असाइनमेंट पर पाकिस्तान में छह साल बिताए थे, वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ भारत की पाकिस्तान नीति को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंडर काम कर रहे हैं।

गुलाम कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन,आगजनी

मुजफ्फराबाद: चुनावों मे धांधली के बाद से गुलाम कश्मीर में निरंतर प्रदर्शन और ंिहंसा की वारदातें हो रही हैं। सोमवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के भवन और चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

गिलगिट-बाल्टिस्तान (गुलाम कश्मीर) में हाल ही में पाकिस्तान की सरकार ने चुनाव कराए हैं और उसमें जमकर गड़बड़ी की। सोमवार को हजारों की संख्या में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के कार्यकर्ता और जनता फिर सड़क पर आ गए। पुलिस के अनुसार उत्तेजित भीड़ ने वन विभाग के एक भवन को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया। चार वाहनों को भी फूंक दिया है।

पीपीपी की प्रवक्ता सादिया दानिश ने कहा है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर आंसू गैस के गोले दागे, लाठियां चलाईं। यहां फायरिंग भी की गई, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

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