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गोलपाड़ा, एएनआइ। Assam NRC detention Centre, असम में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस यानि एनआरसी (NRC) की अंतिम सूची से 19 लाख से अधिक लोगों को बाहर रखा गया है। हालांकि, उन्‍हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कई मौके मिलेंगे। लेकिन जो लोग सूची से बाहर होंगे यानि जो विदेशी नागरिक होंगे, उन लोगों को रखने के लिए असम के गोलपाड़ा में सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर(कैंप) बनाया जा रहा है। इसका काम इनदिनों तेजी से चल रहा है। असम में गोलपाड़ा जिले के पश्चिम मटिया क्षेत्र में भारत के पहले डिटेंशन सेंटर(कैंप) में निर्माण कार्य जोरों पर है।

बता दें, 14 सितंबर से Assam Final NRC List में आप अपना नाम Online भी देख सकते हैं। इस लिस्ट में उन लोगों के नाम हैं जो फाइनल लिस्ट में शामिल किए गए थे।

इस डिटेंशन सेंटर(कैंप) का निर्माण करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक इस डिटेंशन सेंटर(कैंप) में करीब 3000 लोगों के रहने की सुविधा है।

डिटेंशन सेंटर में होंगी यह सुविधाएं
जूनियर इंजीनियर राबिन दास ने एएनआइ को बताया, 'इस परियोजना पर काम दिसंबर 2018 में शुरू हुआ, हमारा लक्ष्य दिसंबर 2019 तक इसे पूरा करना है।इसकी लागत लगभग 46 करोड़ रुपये होगी। यह 15 चार-मंजिला इमारतों में से 13 पुरुषों और 2 महिलाओं के लिए बनाई जा रही हैं।' दास ने यह भी कहा कि केंद्र में अलग शौचालय, अस्पताल, रसोई, भोजन क्षेत्र, मनोरंजन क्षेत्र और एक स्कूल होगा।

इस डिटेंशन सेंटर(कैंप) का निर्माण 2 लाख 88 हजार वर्ग फीट के क्षेत्र में किया जा रहा है। इसमें सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के लिए अलग आवासीय सुविधाएं होंगी।उन्होंने कहा, 'अधिकारी और ग्रेड 4 के कर्मचारियों के लिए इमारतें होंगी। इसमें 2 सुरक्षा बैरक होंगे। पानी की व्यवस्था में 50,000 लीटर की क्षमता होगी।'

बता दें, बीते 31 अगस्‍त 2019 को जारी एनआरसी की अंतिम सूची में 19 लाख से अधिक लोगों का नाम बाहर था। बाहर रखे गए लोगों को 120 दिन के भीतर असम में स्‍थापित 300 फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल में आवेदन करने का मौका दिया गया है। NRC सूची का उद्देश्य असम में रह रहे उन नागरिकों को अलग करना है, जिन्होंने बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में प्रवेश किया था।

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Posted By: Shashank Pandey

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