जम्मू। अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को रिहा करने के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद के फैसले पर भाजपा ने सहयोगी पार्टी पीडीपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सरकार के फैसलों में पीडीपी की मनमानी नहीं चलेगी।

इस बीच, जम्मू में प्रदेश युवा कांग्रेस व पैंथर्स पार्टी कार्यकर्ताओं ने मसर्रत की रिहाई का कड़ा विरोध करते हुए रविवार को प्रदर्शन किया। पैंथर्स पार्टी ने इस मुद्दे पर सोमवार को जम्मू बंद का आह्वान किया है। सभी विपक्षियों के निशाने पर भाजपा-पीडीपी सरकार है।

वहीं, पीपुल्स पैंथर्स पार्टी के नेता भीम सिंह ने कहा है कि अगर भारतीय जनता पार्टी सचमुच मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले के खिलाफ है तो भाजपा को समर्थन वापस ले लेना चाहिए। भीम सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद कश्मीर के दूसरे शेख अब्दुल्ला बनना चाहते हैं।

गौरलतब है कि मसर्रत आलम 2010 में हुई पत्थरबाजी की घटना का दोषी है और उसके ऊपर दस लाख रुपए का इनाम था, जो पिछले तीन साल से बारामुला जेल में बंद था। उसको मुफ्ती सरकार ने रिहा कर दिया है। हालांकि, सरकार का यह कहना है कि यह फैसला कोर्ट का है।

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Edited By: manoj yadav