नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना टीकाकरण के बीच देश में अब बूस्टर डोज की मांग तेज होने लगी है। इसके संबंध में मंगलवार को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री मंडाविया से अनुरोध किया कि स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कस और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

वहीं, देश में बढ़ रही बूस्टर मांग को लेकर पिछले दिनों ICMR के महानिदेशक डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड -19 के खिलाफ बूस्टर डोज की आवश्यकता का समर्थन करने के लिए अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। भारत की वयस्क आबादी के लिए वैक्सीन के दूसरी डोज को पूरा करना इस समय सरकार की प्राथमिकता है।

सरकार ऐसे मामले में सीधा फैसला नहीं ले सकती: डाक्टर भार्गव

डाक्टर भार्गव ने कहा कि भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की अगली बैठक में बूस्टर खुराक के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। सभी वयस्क आबादी के लिए कोविड -19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाना और यह सुनिश्चित करना कि न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का टीकाकरण हो। अभी के लिए सरकार की यही प्राथमिकता है। इसके अलावा कोरोना के खिलाफ बूस्टर डोज की आवश्यकता के लिए अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं। साथ ही डाक्टर भार्गव ने कहा था कि सरकार ऐसे मामले में सीधा फैसला नहीं ले सकती है। जब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और विशेषज्ञ टीम कहेगी कि बूस्टर डोज दी जानी चाहिए, तब हम इस पर विचार करेंगे।

बता दें कि देश में बूस्टर डोज दिए जाने की संभावना पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था कि वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है और लक्ष्य दो खुराक के साथ बड़ी आबादी का टीकाकरण पूरा करना है। उसके बाद विशेषज्ञ की राय के आधार पर ही बूस्टर डोज पर निर्णय लिया जाएगा।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan