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अब ई-रुपये से मिलेगा राशन, डिजिटल वॉलेट में जाएगी सब्सिडी; इन राज्यों में हुई शुरुआत

Published: Thu, 26 Feb 2026 07:40 PM (IST)

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्य सब्सिडी को डिजिटल रुपये (ई-रुपये) के माध्यम से देने की शुरुआत की ...और पढ़ें

अब ई-रुपये से मिलेगा राशन डिजिटल वॉलेट में जाएगी सब्सिडी इन राज्यों में हुई शुरुआत (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

अब ई-रुपये से मिलेगा राशन डिजिटल वॉलेट में जाएगी सब्सिडी इन राज्यों में हुई शुरुआत (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत खाद्य सब्सिडी को डिजिटल रुपये यानी ई-रुपये के माध्यम से देने जा रही है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत गुरुवार को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में की है। यह पहल रिजर्व बैंक द्वारा जारी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।

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अब तक कैसे मिलती थी सब्सिडी

अब तक खाद्य सब्सिडी का लाभ या तो वस्तु के रूप में या पारंपरिक डीबीटी के जरिए मिलता था। नई व्यवस्था में पात्र लाभार्थियों के लिए एक विशेष डिजिटल वालेट बनाया जाएगा। सरकार तय सब्सिडी राशि इसी वालेट में ई-रुपये के रूप में भेजेगी, जिसे केवल राशन खरीदने के उद्देश्य से ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

इससे सब्सिडी के दुरुपयोग या राशि के अन्य मदों में खर्च होने की आशंका कम होगी। प्रयोग सफल रहा तो यह खाद्य सुरक्षा, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और डिजिटल मुद्रा के एकीकरण का राष्ट्रीय माडल बन सकता है। पात्र लाभार्थी उचित मूल्य की दुकानों पर भुगतान क्यूआर कोड या कूपन कोड के माध्यम से कर सकेंगे।

सीधे दुकानदार के खाते में जाएगी राशि

लेनदेन की प्रक्रिया पूरी होते ही राशि सीधे दुकानदार के खाते में पहुंच जाएगी और उसका डिजिटल रिकार्ड तुरंत दर्ज हो जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान में देरी घटेगी और लाभार्थी तथा दुकानदार दोनों को सुविधा मिलेगी। इससे अंगूठा प्रमाणीकरण, नेटवर्क बाधा या मशीन खराब होने जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी, जो कई बार राशन वितरण में अड़चन बनती हैं।

पुडुचेरी के अलावा गुजरात के चार जिलों में भी इस माडल को लागू किया गया है। आगे चलकर चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव जैसे अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की तैयारी है। यह पहल डीबीटी प्रणाली को अधिक सुरक्षित डिजिटल नकदी तंत्र से जोड़ती है, जिससे लाभ का प्रवाह अधिक सुगम और नियंत्रित हो सकेगा।

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देश में 80 करोड़ से अधिक लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े हैं। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ और राशन कार्ड के डिजिटलीकरण के बाद अब डिजिटल रुपये के चलन के जरिए पीडीएस ढांचे को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य

यदि ई-रुपये के जरिए खाद्य सब्सिडी का वितरण सफल रहता है तो भविष्य में अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी इसके उपयोग का रास्ता खुल सकता है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि सब्सिडी का प्रत्येक लाभ बिना भ्रष्टाचार के सीधे उचित पात्र तक पहुंचे और खाद्य सुरक्षा तंत्र अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जवाबदेह बने।

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