नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय नौसेना ने सोमवार को एक नया और उच्च श्रेणी का तेज गति वाला डीजल इस्तेमाल करना शुरू किया है जिससे उसके पोतों और अन्य उपकरणों की गुणवत्ता बढ़ेगी साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।

भारतीय नौसेना अधिकारियों ने कहा कि संशोधित तकनीकी विशेषताओं के साथ हाई फ्लैश हाई स्पीड डीजल (एचएफएचएसडी-आइएन 512) से बल को प्रमुख विदेशी नौसेनाओं के साथ अभ्यास के दौरान भी मदद मिलेगी।

नौसेना ने एक बयान में कहा, 'नए ईंधन का सफलतापूर्वक इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण अवसर है जो देश में मौजूद पर्याप्त क्षमताओं को रेखांकित करता है जिनसे विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।' बीते कुछ महीनों में भारतीय नौसेना ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ मिलकर नए ईंधन पर विस्तृत और व्यापक अध्ययन किया, जिसके बाद इसका इस्तेमाल शुरू किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय नियमों का तुलनात्मक आकलन भी इस खास ईंधन को इस्तेमाल करने से पहले किया गया। इसके परिणामस्वरूप सीटेन नंबर, फ्लैश प्वाइंट, सल्फर कंटेंट, सेडिमेंट कंटेंट, ऑक्सीडेशन स्टेबिलिटी और कोल्ड फिल्टर प्लगिंग प्वाइंट सहित 22 परीक्षण मानदंडों से बनी एक संशोधित तकनीकी विशेषता तक पहुंच कायम हो पाई।

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