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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इन 'हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों' की कारगिल युद्ध में पड़ी थी जरूरत, अब दुश्मनों पर और आसानी से होगा हवाई हमला

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Mon, 03 Oct 2022 11:08 AM (IST)Updated: Mon, 03 Oct 2022 11:33 AM (IST)

इन हेलीकॉप्टरों के निर्माण की आवश्यकता 1999 में कारगिल युद्ध दौरान आई थी। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेनाओं ने ...और पढ़ें

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इन हेलीकॉप्टरों को किया है निर्मित
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इन हेलीकॉप्टरों को किया है निर्मित

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय वायुसेना (IAF) को आज एक नई ताकत मिलने वाली है। सेना में लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सोमवार को स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टरों (LCH) के पहले जत्थे को शामिल किया जाएगा। इन हेलीकॉप्टरों की मदद से हमारी वायुसेना विभिन्न प्रकार की मिसाइलों और अन्य हथियारों को दुश्मनों पर आसानी से दाग सकेंगी।

HAL द्वारा इन्हें किया गया निर्मित

स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) को भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना में उपयोग के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित किया गया है। यह युद्ध के दौरान एक बहु-भूमिका वाला हमलावर हेलीकॉप्टर है। इसकी उड़ान क्षमता दुनिया के हमले वाले हेलीकॉप्टरों में सबसे ऊंची है।

कारगिल युद्ध के दौरान इन हेलीकॉप्टरों की हुई आवश्यकता

इन हेलीकॉप्टरों के निर्माण की आवश्यकता 1999 में कारगिल युद्ध दौरान आई थी। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेनाओं ने महसूस किया कि उनके पास एक उपयुक्त हेलीकॉप्टर की कमी है जो उच्च ऊंचाई पर काम कर सके। इस प्रकार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) ने भारतीय सेना के लिए एक ऐसे हेलीकॉप्टर का उत्पादन करने के प्रयास शुरू किए, जो ऐसी परिस्थितियों में काम कर सके।

विभिन्न हथियारों से फायरिंग के परीक्षण किए पूरे

सेना से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इसे सोमवार को जोधपुर में एक कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की सूची में शामिल किया जाएगा। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी भी शामिल रहेंगे। अधिकारी ने बताया कि 5.8 टन वजनी दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर ने पहले ही विभिन्न हथियारों से फायरिंग के परीक्षण पूरे कर लिए हैं।

10 भारतीय वायुसेना और पांच भारतीय सेना में होंगे शामिल

मार्च में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट काउंसिल ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने 388.7 बिलियन की लागत से 15 स्वदेशी लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (LSP) हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरो (LCH) की खरीद को मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार 10 हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए और पांच भारतीय सेना के लिए हैं।

रात में दुश्मनों पर हमला करने की क्षमता

अधिकारियों ने कहा कि इन हल्के हेलीकॉप्टरों में कई स्टील्थ फीचर्स, आर्मर्ड-प्रोटेक्शन सिस्टम और रात में दुश्मनों पर हमला करने की क्षमता है। इन हेलीकॉप्टर को उच्च ऊंचाई वाले बंकर-बस्टिंग ऑपरेशन, जंगलों और शहरी क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ जमीनी बलों का समर्थन करने के लिए भी तैनात किया जा सकता है।

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