नई दिल्‍ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। 1993 मुंबई बम धमाकों का गुनहगार और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत आने को तैयार है। उसे पता है कि भारत आने पर उसे उसके किए गुनाहों की सजा मिलेगी, इसके बावजूद वह भारत आने को तैयार है। यह बात वकील श्याम केसवानी ने कही है। केसवानी ने साथ ही बताया कि दाऊद कुछ शर्तों के साथ भारत आना चाहता है। ऐसा पहली बार नहीं है जब दाऊद के भारत आने की इच्छा के बारे में बात चली हो। इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी भी ऐसा ही दावा कर चुके हैं। दाऊद के भारत आने की चाहत के इन सभी दावों पर चर्चा करेंगे। पहले जानते हैं दाऊद है कौन?

कौन है दाऊद इब्राहिम?

यह तो सभी जानते हैं कि दाऊद इब्राहिम अंडरवर्ल्ड डॉन है। एक समय मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर उसका राज चलता था। 1993 मुंबई बम धमाकों का वह मुख्य आरोपी है। उस पर आतंकवादियों से सांठगांठ के भी आरोप हैं। यही नहीं फिरौती, फिल्मों की पायरेसी और नकली नोटों के धंधे में भी वह लिप्त रहा है। 1993 मुंबई धमाकों के बाद वह दुबई भाग गया था और हाल के कुछ सालों में उसके पाकिस्तान के कराची में होने के कई पुख्ता सुबूत मिले हैं।

पुलिसकर्मी का बेटा है दाऊद

दाऊद इब्राहिम का जन्म 27 दिसंबर 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक कोंकणी मुल्लिम परिवार में हुआ था। उसके पिता इब्राहिम कास्कर मुंबई पुलिस में हेड कॉन्सटेबल थे और मां अमीना एक गृहणी थी। वह मुंबई के डोंगरी इलाके में टेमकर मोहल्ला इलाके में रहता था और उसने स्कूल की पढ़ाई भी आधे में ही छोड़ दी थी। बड़ा होने के साथ ही वह हाजी मस्तान नाम के तत्कालीन डॉन से संपर्क में आ गया। बाद में दाऊद ने अपने भाई के साथ मिलकर डी कंपनी नाम से अपना गैंग बना लिया। दाऊद की करतूतों पर बॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी हैं।

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क्या है दाऊद की भारत आने की शर्त

अब बात करते हैं कि इस बार दाऊद ने भारत आने के लिए क्या शर्त रखी है। वकील श्याम केसवानी के मुताबिक दाऊद चाहता है कि भारत आने पर उसे देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाए। वैसे दाऊद की इस शर्त को भारत सरकार माने, ऐसा लगभग नामुमकिन ही लगता है। बता दें कि आर्थर रोड जेल वही जेल है जहां 26/11 मुंबई हमलों के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी देने से पहले करीब 4 साल रखा गया था।

...जब राज ठाकरे ने बतायी दाऊद की इच्छा

पिछले साल सितंबर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी दाऊद की तरफ से ऐसी ही इच्छा के बारे में बताया था। उस वक्त राज ठाकरे के इस खुलासे ने मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। ऐसा इसलिए क्‍योंकि ठाकरे ने एक बयान में कहा था कि दाऊद अब अपंग हो चुका है और वह भारत लौटना चाहता है। राज ठाकरे ने दावा किया था कि भारत सरकार की उससे बात भी चल रही है और केंद्र सरकार इसके जरिए आगामी चुनाव में अपना ट्रंप कार्ड खेलना चाहती है। उन्होंने यहां तक कहा है कि दाऊद अपने आखिरी दिन भारत में आकर बिताना चाहता है। केंद्र सरकार उसे यह मौका देकर उसे भारत लाने का श्रेय लेना चाहती है। यह बातें मनसे अध्‍यक्ष राज ठाकरे ने अपना फेसबुक पेज लॉन्‍च करते हुए की थीं।

जेठमलानी से भी दाऊद ने भारत आने की इच्छा जाहिर की

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी ने भी एक बार दाऊद के बारे में ऐसी ही बातें मीडिया के सामने की थीं। उनका कहना था कि वह भारत लौटने के सिलसिले में दाऊद से लंदन में मिले भी थे। उन्‍होंने उस वक्‍त यह आरोप भी लगाया था कि तब महाराष्‍ट्र की शरद पवार सरकार के चलते वह ऐसा नहीं कर सका था। इस मुद्दे पर केंद्र ने भी राज्‍य सरकार का साथ दिया था।

दिल्‍ली पुलिस के पूर्व कमिश्‍नर नीरज कुमार का दावा

राज ठाकरे और जेठमलानी के अलावा इस तरह का दावा दिल्‍ली के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर नीरज कुमार ने भी किया था। उनका कहना था कि जब वह सीबीआई में थे तब उन्‍होंने अंडरवर्ल्‍ड डॉन से तीन बार फोन पर बात की थी। उनके मुताबिक वह 1993 मुंबई बम धमाकों के मामले में सरेंडर करना चाहता था। लेकिन अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों के मना करने पर उन्‍होंने बात नहीं बढ़ाई। दाऊद से उनकी यह लंबी बातचीत 10, 20, 22 जून 1994 को हुई थी। नीरज कुमार ने अपनी एक किताब ‘Dial D for Don’ में इस बात का भी जिक्र किया है कि उनके रिटायर होने से पहले जून 2013 में दाऊद का फोन उनके पर्सनल नंबर पर आया था। जिसमें उसने कहा था कि साहब, अब तो आप रिटायर हो रहे हो, अब तो मेरा पीछा करना छोड़ दो।

जारी है रंगदारी का बिजनेस

गौरतलब है कि दाऊद के भाई इकबाल कासकर को पिछले साल मुंबई पुलिस ने बिल्डर से रंगदारी मांगने के आरोप गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने दाऊद के पाकिस्‍तान में होने की भी बात कही थी। कासकर के मुताबिक, उसे पाकिस्तान में दाऊद के चार-पांच पतों की जानकारी है। कासकर का यह भी कहना था कि दाऊद के सबसे खास गुर्गे छोटा शकील से अच्छे रिश्ते नहीं हैं। हालांकि यही बात पाकिस्‍तान के पूर्व राष्‍ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ भी पहले कह चुके हैं।

दाऊद के फोन की रिकॉर्डिंग

बता दें कि भारत कई बार यह बात कह चुका है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्‍तान में है। 2014 में पश्चिमी देशों द्वारा की गई उसकी फोन रिकॉर्डिंग से भी यह बात साफ हो चुकी है। यह फोन कॉल कराची से दुबई में की गई थी। लेकिन इन सभी बातों को पाकिस्‍तान हमेसा ही मानने से इनकार करता रहा है। इस बाबत भारत कई बार पाकिस्‍तान को डोजियर भी सौंप चुका है, जिससे पाकिस्तान सरकार इंकार करती रही है। लेकिन पिछले साल जब ब्रिटेन ने उसकी संपत्तियों को जब्‍त किया और पाकिस्‍तान को सौंपने के लिए डोजियर तैयार किया तो इसमें पाकिस्‍तान में स्थित उसके तीन पतों का जिक्र था।

ब्रिटेन ने माना पाकिस्तान में है दाऊद

ब्रिटेन ने दाऊद के खिलाफ पिछले साल जो डोजियर तैयार किया था, उसमें उसके पाकिस्तान के 3 पतों का जिक्र था। पहला पता इस तरह था- हाउस नंबर 37, 30वीं स्ट्रीट, डिफेंस हाऊसिंग अथॉरिटी, कराची, पाकिस्तान। उसका दूसरा पता नूराबाद (पलाटियल बंगला, हिल एरिया), कराची, पाकिस्तान लिखा हुआ था। तीसरे पते के रूप में लिखा है व्हाइट हाऊस, सऊदी मस्जिद के पास, क्लिफटन कराची, पाकिस्तान। डोजियर में भारत सरकार द्वारा उसका पासपोर्ट रद किए जाने का भी जिक्र था।

ये हैं पाकिस्तान में दाऊद के नाम
फाइनेंशियल सेंक्शंस की लिस्ट में दाऊद के 21 नाम बताए गए हैं। इनमें शेख, इस्माइल, अब्दुल अजीज, अब्दुल हमीद, अब्दुल रहमान, मोहम्मद भाई, अनीस इब्राहिम, इकबाल, दिलीप, अजीज, फारूखी, हसन, दाऊद, मेमन, कास्कर, साबरी, साहेब, हाजी, सेठ और बड़ा भाई। लिस्ट के मुताबिक इन नामों का इस्तेमाल दाऊद करता रहा है।

Posted By: Digpal Singh