त्योहारों में देशभर में घुली रहेगी 'मिठास', नहीं होगी चीनी की कमी; महाराष्ट्र से यूपी तक शुगर मिलों ने बढ़ाई रफ्तार
त्योहारों के दौरान देश में चीनी की कोई कमी नहीं होगी, क्योंकि घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त भंडार ...और पढ़ें

त्योहारों में चीनी की कमी नहीं

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों में चीनी की कमी नहीं होगी। देश में चीनी की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त भंडार है। घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
चीनी उद्योग के संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने सोमवार को कहा कि इस महीने शुरू हुए चीनी मार्केटिंग वर्ष में अब तक 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू की है।
भारत में चीनी की सालाना घरेलू मांग 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है। इस्मा ने अभी तक 2026-27 मार्केटिंग वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए उत्पादन के अनुमान जारी नहीं किए हैं।
इस्मा के मुताबिक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में मिलों ने पेराई शुरू की है। महाराष्ट्र में करीब 87 मिलों ने काम शुरू कर दिया है। गन्ने की कटाई में तेजी आने के साथ आने वाले हफ्तों में और मिलों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल दो मिलों में पेराई हो रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश में गन्ने की उपलब्धता बढ़ने के साथ पेराई शुरू होगी।
इस्मा के अनुसार भारत में हर साल करीब 280 से 285 लाख टन चीनी की खपत होती है। पिछले चीनी मार्केटिंग सत्र 2025-26 के अंत में करीब 36 लाख टन चीनी का स्टाक बचा था। चालू सत्र में 25 अक्टूबर 2026 तक चार लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक करीब 60 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
त्योहारों के दौरान घरेलू खपत के लिए चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने शुल्क-मुक्त कच्ची चीनी के आयात की अवधि बढ़ाई है और भंडारण की सीमा लागू की है।
इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी है। उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। मिलों के चालू होने के साथ आपूर्ति और बढ़ेगी। उन्होंने कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद जताई।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
