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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Special Session: संसद के विशेष सत्र में नहीं होगा प्रश्नकाल और शून्यकाल, निजी बिल पर भी नहीं होगी कोई चर्चा

By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
Published: Sat, 02 Sep 2023 06:59 PM (IST)Updated: Sat, 02 Sep 2023 08:05 PM (IST)

सरकार इस महीने संसद के विशेष सत्र का आयोजन करने जा रही है। ये विशेष सत्र पांच दिनों का होगा ...और पढ़ें

18 से 22 सितंबर के बीच संसद के विशेष सत्र का आयोजन। (फाइल फोटो)
18 से 22 सितंबर के बीच संसद के विशेष सत्र का आयोजन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पांच दिनों तक चलेगा संसद का विशेष सत्र।
  2. 18 सितंबर से 22 सितंबर के बीच विशेष सत्र।
  3. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी थी जानकरी।

नई दिल्ली, एएनआई। सरकार इस महीने संसद के विशेष सत्र का आयोजन करने जा रही है। ये विशेष सत्र पांच दिनों का होगा, जो 18 सितंबर से 22 सितंबर तक चलेगा।

विशेष सत्र में नहीं होगा शून्यकाल और प्रश्नकाल

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस विशेष सत्र में कोई पश्नकाल और शून्यकाल नहीं होगा। साथ ही इस दौरान, कोई भी सदस्य प्राइवेट बिल नहीं पेश कर सकेगा।

पांच दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन

इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को संसद के विशेष सत्र की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। ये पांच दिवसीय सत्र होगा। हालांकि, इस सत्र का क्या एजेंडा है, इसके बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है।

केंद्रीय मंत्री अपने एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर जानकारी देते हुए पोस्ट किया,

संसद का विशेष सत्र 17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र 18 से 22 सितंबर के बीच बुलाया जा रहा है। इसमें पांच बैठकें होंगी। अमृत काल में सार्थक चर्चा और बहस की उम्मीद है।

विशेष सत्र के पीछे क्या है एजेंडा?

इस विशेष सत्र का आयोजन पुराने संसद में होगा या नए में इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, जब केंद्रीय मंत्री विशेष सत्र की जानकारी देते हुए फोटो पोस्ट किया, तो उसमें दोनों संसद भवन दिख रही है।

पीएम मोदी ने नए संसद का उद्घाटन इसी साल 28 मई को किया था। हालांकि, इसके बाद मानसून सत्र का आगाज हुआ, लेकिन उसका आयोजन पुराने संसद भवन में हुआ था।

इधर, विशेष सत्र के पीछे सरकार का क्या एजेंडा है इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। इस वर्ष के अंत तक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर सभी पार्टियां चुनावी तैयारी में जुटी हुई हैं और इस बीच विशेष सत्र का आयोजन आश्चर्यजनक है।