'अपराध रोकने की राज्य की जिम्मेदारी', SC ने कहा- कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी को बंदी बनाकर नहीं रखना चाहिए

सीआरपीसी की धारा 167 के अनुसार जांच एजेंसी रिमांड की तारीख से 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में विफल रहती है तो एक आरोपी डिफॉल्ट जमानत का हकदार होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानूनी अधिकार के बिना किसी को कैद की सजा नहीं भुगतनी चाहिए।