अरविंद पांडेय। नई दिल्ली। शोध के सपने को पूरा करने के लिए अब किसी को भी दाखिले की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए इच्छुक कोई भी व्यक्ति अब अपने आस-पास के किसी भी शोध संस्थान या विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में रजिस्ट्रेशन कराकर शोध कार्य कर सकेगा। शोध को बढ़ावा देने में जुटी सरकार ने इसके लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत देश भर के सभी शोध संस्थान और विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं और उनके शोध को आनलाइन किया जा रहा है।

शोध कार्यो को बढ़ावा देने से जुड़ी इस योजना को मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मिलकर तैयार की गई है। इसके तहत फिलहाल अभी शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं की मौजूदा क्षमता का आकलन कराया जा रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालय से अपने शोध संस्थानों और प्रयोगशालाओं की विस्तृत जानकारी देने को कहा है। योजना के तहत संस्थानों की इस शोध क्षमता को आनलाइन किया जाएगा। ताकि शोध करने का इच्छुक व्यक्ति आसानी से अपने आस-पास के संस्थानों में शोध कार्य कर सके।

योजना के पहले चरण में ऐसी सभी प्रयोगशालाओं को जरूरत के मुताबिक मजबूत किया जाएगा। साथ ही इन्हें जरूरी वित्तीय मदद भी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे देश में शोध को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शोध के इच्छुक व्यक्ति को सस्ते में सारी सुविधाएं मिल जाएगी। शोध के क्षेत्र में देश के पिछड़ने के पीछे शोध कार्यो का मंहगा होना भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। गौरतलब है कि सरकार पिछले कई सालों से देश में शोध कार्यो को बढ़ावा देने में जुटी है। इसका असर यह है कि देश में शोध का माहौल बन रहा है। शोध के लिए विदेशों की और रूख करने वाले युवा शोधार्थी पिछले कुछ सालों में भारत लौटे है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016-17 में करीब दो सौ शोधार्थी भारत लौटे है।

By Jagran News Network