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नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में तेजी से खुल रहे लॉ कॉलेजों पर चिंता जताते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अगले तीन सालों तक नए संस्थानों के खोले जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि राज्य द्वारा प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पर यह रोक प्रभावी नहीं होगी। BCI ने कहा कि वह इस दौरान मौजूदा लॉ कालेजों के मानकों में सुधार पर जोर देगा।

रविवार को एक बैठक में BCI ने देश में तेजी से खुल रहे लॉ कॉलेजों के बारे में अपने सदस्य वेद प्रकाश शर्मा द्वारा उठाए गए सवाल पर विचार-विमर्श किया।

काउंसिल ने राज्य सरकारों और विश्वविद्यालयों से अनुचित साधनों का प्रयोग रोकने और चार महीने के अंदर सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लॉ शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने का अनुरोध किया है। बैठक के दौरान अपने प्रस्ताव में BCI ने कहा कि देश भर में लगभग 1,500 लॉ कॉलेज हैं।

विश्वविद्यालय और राज्यों के सुस्त रवैये के कारण कई कॉलेज बिना पर्याप्त बुनियादी ढांचे के चल रहे हैं। BCI ने कहा, राज्य सरकारें शायद ही कभी सरकारी लॉ कॉलेजों और संबंधित संस्थानों के लॉ संकायों की नियुक्ति में रुचि लेती हैं। राज्य सरकारें जहां इन संस्थानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे देती हैं, वहीं विश्वविद्यालय ऐसे संस्थानों को लापरवाही से संबद्धता प्रदान कर देते हैं।

BCI ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की आलोचना करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत लॉ कॉलेजों को अपने मानकों में सुधार करने के लिए कोई अनुदान नहीं मिलता है। यह भी कहा कि LLM या PhD की डिग्री लेना बहुत आसान है, यही वजह है कि देश में कानून के अच्छे शिक्षकों की कमी है। बता दें कि LLM और PhD की डिग्री बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दायरे में नहीं आती है।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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