नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों की समिति ने बार नेताओं को बताया है कि शीर्ष कोर्ट को कुछ समय के लिए सभी की मौजूदगी में सुनवाई के लिए नहीं खोला जाएगा। दो सप्ताह बाद समिति मुद्दे पर विचार के लिए फिर से बैठक करेगी।

शीर्ष अदालत कोरोना के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के कारण 25 मार्च से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई कर रही है। यहां तक कि छूट दिए जाने के बावजूद वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही सुनवाई जारी है और वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से सुनवाई जारी रखने का फैसला लिया गया है।

बार नेताओं की मौजूदगी में सुनवाई बहाल नहीं करने का फैसला

प्रधान न्यायाधीश के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता में समिति ने बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट बार संघ के अध्यक्ष दुष्यंत दवे और सुप्रीम कोर्ट वकील ऑन रिकार्ड संघ के अध्यक्ष शिवाजी जाधव के साथ शुक्रवार को मुलाकात की। बार नेताओं को सभी की मौजूदगी में सुनवाई बहाल नहीं करने के फैसले से अवगत कराया गया।

शुरू में सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने न्यायाधीशों की समिति की बैठक का विवरण पढ़कर सुनाया। यह बैठक इससे पहले हुई थी जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कुछ समय तक सभी की मौजूदगी में सुनवाई के लिए शीर्ष कोर्ट को नहीं खोलने का फैसला लिया गया था। यह फैसला लिया गया कि दो सप्ताह बाद बार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से कोर्ट में कामकाज शुरू पर फैसला लिया जाएगा।

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