नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक स्तर पर कोविड-19 की स्थिति के कारण इस बार गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया गया है।विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि कोविड-19 की वैश्विक स्थिति के चलते यह फैसला लिया गया है कि इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी राष्‍ट्र प्रमुख, मुख्‍य अतिथि के रूप में नहीं हो।

बोरिस जॉनसन ने कोरोना के कारण किया था इनकार

इस साल भारत ने गणतंत्र दिवस समारोह के के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को मुख्य अतिथि बनाया था, लेकिन उन्होंने अपने देश में कोरोना से बिगड़ते हालात के कारण दौरे को रद्द कर दिया था। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से निपट रही हो तब किसी नए राष्ट्राध्यक्ष या शासन के प्रमुख को निमंत्रित करना भी आसान कार्य नहीं था। ऐसे में सरकार ने इस साल बिना मुख्य अतिथि के गणतंत्र दिवस मनाने का निर्णय लिया है।

पुरानी है गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि की परंपरा

हर साल गणतंत्र दिवस पर किसी न किसी राष्ट्राध्यक्ष या राष्ट्र प्रमुख को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। यह परंपरा संविधान के लागू होने के साथ ही शुरू हो गई थी। हालांकि, बाद में कई साल किसी मुख्य अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया। विशेष रणनीति के तहत राजनीतिक, राजनयिक और आपसी संबंधों के आधार पर ही गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि का चुनाव किया जाता है।

 

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