भोपाल, नई दुनिया स्टेट ब्यूरो। हाई कोर्ट के आदेश पर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराए जाने के नोटिस की समय सीमा सोमवार को खत्‍म हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ऑफिस स्टाफ के लिए नया आवास आवंटित किए जाने को लेकर सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है और उनकी तरफ से बंगले का आधिपत्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को नहीं सौंपा है। अब सोमवार को इस संबंध में दिग्विजय सिंह द्वारा फैसला लिया जाएगा कि ऑफिस स्टाफ और ऑफिस के संचालन के लिए क्या इंतजाम किया जाए।
हाई कोर्ट ने 19 जुलाई को राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों के आवंटन आदेश निरस्त किए जाएं। एक महीने के भीतर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद सरकार ने भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर और उमा भारती को समाजसेवी के रूप में नया आवंटन आदेश जारी किया। मगर कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह के बंगले के नए आवंटन आदेश जारी नहीं किए गए।
सिंह ने इस बीच मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि सरकार ने उन्हें स्टाफ दे रखा है, जिसके लिए ऑफिस चाहिए। ऑफिस स्टाफ के बैठने के लिए कोई व्यवस्था करने का आग्रह किया था। पिछले दिनों सिंह ने अपना निजी सामान राघौग़़ढ भिजवा दिया था और ऑफिस का सामान बंगले में रखा है। यहां सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं।

Posted By: Arun Kumar Singh