जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी असलियत जाहिर कर दी है। मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को उसने अपना 'आजाद नागरिक' बताते हुए उसके सारे गुनाहों पर पर्दा डालने की कोशिश की है। यहां तक कि सईद के सेना के साथ मिलकर पाकिस्तान में बाढ़ राहत चलाने को भी उसने काबिल-ए-तारीफ बताया है।

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने सेना और सरकार के साथ हाफिज सईद की साझेदारी को सोमवार को खुल कर कुबूला। एक सवाल पर उन्होंने कहा, 'हाफिज सईद पाकिस्तान के नागरिक हैं। इसलिए वह मुल्क में कहीं भी आने-जाने को आजाद हैं। ..वो एक आजाद नागरिक हैं। इसलिए जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, हमें क्या समस्या हो सकती है। ..अदालतों ने उन्हें बरी कर दिया है। उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है।'

पाकिस्तान से लगातार ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जिनमें हाफिज सईद सेना की नावों पर बैठकर प्रभावित इलाकों में जा रहा है। डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले मुंबई हमले के इस मास्टर माइंड को सेना के संरक्षण के बारे में जब बासित से खास तौर पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हम सभी को पता है कि नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ भारी बाढ़ आई है। मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही जगह जन कल्याण के लिए काम करने वाली संस्थाएं सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसलिए हमें इसकी आलोचना करने की बजाय इसे सकारात्मक रूप से देखना चाहिए।'

व्यापार सचिवों की वार्ता जल्द शुरू होने की उम्मीद:

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने भारत के साथ व्यापार सचिव स्तर की वार्ता शीघ्र शुरू होने की उम्मीद जाहिर की है। दोनों देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अब्दुल बासित ने कहा कि कारोबार की पर्याप्त संभावना होने के बावजूद हमें अभी लंबा सफर तय करना है। पाकिस्तान विदेश सचिवों की वार्ता जल्द शुरू करने के पक्ष में है। इसके लिए हम योजना तैयार कर रहे हैं। अब दोनों देशों के लिए समय आगे बढ़ने का है। हम अतीत से चिपके नहीं रह सकते हैं।

वह एक पाकिस्तानी है, इसीलिए आजाद:

हाफिज सईद को क्लीन चिट दिए जाने पर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के बयान के कुछ ही घंटों के बाद कहा कि हमारी राय में हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और भारतीय अदालत में इस मामले का आरोपी है। हमने पाकिस्तान से कई बार इस आतंकी को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाने का आग्रह किया है, लेकिन दुर्भाग्य से उसे कभी मुंबई हमले के आरोप में गिरफ्तार नहीं किया गया। आज वह आजाद इसलिए है, क्योंकि वह एक पाकिस्तानी है। अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान का इस मामले में सुबूत उपलब्ध न होने का दावा सरासर गलत है। हकीकत में 99 फीसद प्रमाण पाकिस्तान में ही हैं, क्योंकि सारी साजिश वहीं पर रची गई।

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