नितिन की 'नवीन' टीम: UP और 'मिशन 2029' के लिए BJP ने दबाया रीसेट बटन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनावों के लिए नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है।

UP और 'मिशन 2029' के लिए BJP ने दबाया रीसेट बटन।
HighLights
नितिन नवीन ने आगामी चुनावों के लिए नई टीम बनाई।
स्मृति ईरानी और राम माधव की पार्टी में वापसी हुई।
उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष ध्यान दिया गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को नई शुरुआत की। पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों की एक नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की, जिससे पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की चुनौती के लिए तैयार किया जा सके।
पार्टी नेताओं ने नई टीम को अनुभवी प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव, युवा जोश, क्षेत्रीय विविधता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का एक रणनीतिक मिश्रण बताया।
इस लिस्ट में कुछ बड़े नामों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि कुछ लोगों की चौंकाने वाली वापसी हुई है। जहां अमित मालवीय को 11 साल तक BJP के IT सेल प्रमुख के तौर पर काम करने के बाद भी नई टीम में जगह नहीं मिली, वहीं राम माधव और स्मृति ईरानी ने लंबे समय तक मुख्यधारा से दूर रहने के बाद जबरदस्त वापसी की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय टीम के पदाधिकारियों को बधाई दी। PM मोदी ने एक्स पर कहा, 'BJP के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां पाने वाले सभी लोगों को बधाई। यह नई टीम संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव का एक बेहतरीन मेल है।'
BJP प्रमुख नितिन नवीन ने अपनी टीम को अनुभव और ऊर्जा का मिश्रण बताया, जो संगठन को नई गति देगा और PM मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाएगा।
नितिन की 'नवीन' टीम की कुछ खास बातें
नई राष्ट्रीय टीम में घोषित 65 नामों में से लगभग 50 नए पदाधिकारी हैं, जो पिछले तौर-तरीकों से एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
नई टीम में देश भर के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को शामिल करके व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इसमें हर प्रमुख धर्म और समुदाय का सम्मान और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। राष्ट्रीय टीम में एक सिख सदस्य, दो ईसाई सदस्य और मुस्लिम, जैन और पारसी समुदायों से एक-एक सदस्य शामिल हैं।
सबसे युवा बीजेपी अध्यक्ष ने अपेक्षाकृत युवा टीम चुनी है। छह पदाधिकारी 40 साल से कम उम्र के हैं, 15 पदाधिकारी 40-49 साल की उम्र के हैं और 21 पदाधिकारी 50-59 साल की उम्र के हैं।
महत्वपूर्ण भूमिकाओं में तीन पूर्व मुख्यमंत्री, 12 महिलाएं और कई अनुभवी सांसद शामिल हैं। समिति में पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर से चार आदिवासी प्रतिनिधि हैं, जिनमें से दो महिलाएं हैं।
पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें त्रिपुरा, असम और नागालैंड के तीन क्षेत्रीय नेताओं को शामिल किया गया है। साथ ही एक समर्पित पूर्वोत्तर समन्वय सेल को जारी रखा गया है।
बीजेपी ने एक बयान में कहा, 'इस तरह की संतुलित नियुक्तियां नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की कार्यकारी टीम को देश के विशाल भौगोलिक परिदृश्य और क्षेत्रीय बारीकियों की गहरी समझ के साथ काम करने में सक्षम बनाती हैं।'
उत्तर प्रदेश पर फोकस
अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों के कारण, BJP के इस नए संगठन में उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। नितिन नवीन की टीम में उत्तर प्रदेश के 8 नेताओं को जगह मिली है, जिनमें सबसे प्रमुख नाम स्मृति ईरानी का है। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में रेखा वर्मा और प्रोफेसर तारिक मंसूर UP से हैं।
स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। दो राष्ट्रीय सचिव और दो मोर्चा अध्यक्ष भी यूपी से हैं।
हाशिए पर चल रहे कई नेताओं की वापसी
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में उन कई नेताओं की वापसी हुई है जो हाल के समय में हाशिए पर थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और RSS के वरिष्ठ नेता राम माधव से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और तीरथ सिंह रावत तक, कई ऐसे BJP नेता जो पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक ढांचे से बाहर हो गए थे या जिनका राजनीतिक कद कम हो गया था, नई राष्ट्रीय टीम में अहम भूमिकाओं में लौटे हैं।
स्मृति ईरानी, जिनकी सबसे बड़ी पहचान 2019 के लोकसभा चुनावों में अमेठी में राहुल गांधी को हराकर उस सीट पर गांधी परिवार के दशकों पुराने दबदबे को खत्म करना है, उन्होंने उन पर भरोसा जताने के लिए PM मोदी और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वह जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के विकसित भारत के विजन में योगदान देंगी।
राम माधव की वापसी भी अहम
RSS के पूर्व प्रवक्ता, जिन्हें 2014 में BJP में भेजा गया था, राम माधव PM मोदी के नेतृत्व में पार्टी के पहले कार्यकाल के दौरान सबसे प्रभावशाली महासचिवों में से एक बनकर उभरे थे। उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट में BJP के विस्तार में अहम भूमिका निभाई और 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद जम्मू-कश्मीर में PDP के साथ गठबंधन करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
2018 में BJP-PDP सरकार गिरने के बाद उनका असर कम हो गया और सितंबर 2020 में जब तत्कालीन BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम बनाई, तो उन्हें राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया गया। इसके बाद वे BJP के संगठनात्मक मोर्चे से काफी हद तक गायब हो गए।
बाद में, BJP ने उन्हें 2024 में केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव अभियान की देखरेख के लिए वापस बुलाया।
2027 की परीक्षा
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि नितिन नवीन की नई टीम की पहली बैठक 22 अगस्त को होनी है। हालांकि, इसकी पहली परीक्षा 2027 की शुरुआत में होगी, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में चुनाव होंगे।
BJP के सामने उत्तर प्रदेश में एक बड़ी चुनौती है, जहां 2024 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर उसे बैकफुट पर धकेल दिया था।
इस बीच, पार्टी के ढांचे में बदलाव की घोषणा के साथ ही अब सबकी नजरें केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलावों पर होंगी।
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