PM गतिशक्ति से ग्रीन हाईवे और टोल सुधार तक... सुरक्षित और स्मार्ट हाईवे के रोडमैप के लिए चल रहा महामंथन
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गुजरात के नर्मदा जिले में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया, जिसका ...और पढ़ें
-1791213763235_m.webp)
गुजरात के नर्मदा में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भविष्य के लिए हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर किस तरह से खड़ा किया जाए, इसका एजेंडा तय करने के लिए गुजरात के नर्मदा जिले में दो दिवसीय चिंतन शिविर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के टेंट सिटी-2 में चल रहे इस शिविर में सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों, लोक निर्माण विभाग व संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को बुलाया गया है।
गडकरी ने हाईवे डिजाइन में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया
शुभारंभ करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। कहा कि हाईवे की प्लानिंग और डिजाइन के स्तर से ही सड़क सुरक्षा को इसमें शामिल करें।
साथ ही कहा कि विभिन्न सत्रों में चुनौतियों पर चर्चा के साथ राज्यों के बेहतर कार्यों को साझा किया जाएगा और अंत में समाधान के रूप में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का कहना है कि इस शिविर का उद्देश्य भारत के हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्रित चर्चा की दिशा तय करना है।
'गतिशक्ति से प्रगति' की थीम पर आयोजित इस शिविर के शुभारंभ पर नितिन गडकरी ने कहा कि यह मंच केंद्र और राज्यों को एक साथ सोचने, जमीनी स्तर के अनुभव साझा करने और हाईवे निर्माण में आने वाली चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान के लिए मिलकर काम करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि देशभर में परियोजनाओं के कार्यान्वयन और बुनियादी ढांचे के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग राज्यों द्वारा अपनाए गए सफल तरीकों को साझा किया जाना चाहिए, उनका मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां भी उचित हो, उन्हें अपनाया जाना चाहिए।
राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का आह्वान किया
हाईवे विकास में गुणवत्ता, सुरक्षा, गति और विश्वस्तरीय मानकों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने डीपीआर के चरण में बेहतर योजना और तैयारी पर अधिक जोर दिया।
साथ ही कहा कि उचित सर्वेक्षण, अलाइनमेंट की योजना, जमीन अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और समय पर वैधानिक मंजूरी होनी चाहिए। इससे परियोजनाएं समयबद्धता से पूरी होंगी और बेवजह लागत भी नहीं बढ़ेगी।
चिंतन शिविर में प्रमुख सत्र पीएम गतिशक्ति और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, जमीन अधिग्रहण और भूमि राशि, मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट और रेटिंग, सुरक्षित हाईवे और ग्रीन हाईवे का डिजाइन, सड़क सुरक्षा और टोल सुधार, क्वालिटी एश्योरेंस और प्रोजेक्ट मानीटरिंग शामिल है।
उद्घाटन सत्र के दौरान पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण उपायों पर एक रिपोर्ट जारी की गई। साथ ही 'सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट' पर भी ब्रिक्स की एक रिपोर्ट जारी की गई।
यह भी पढ़ें- दिव्यांगजन टोल फ्री फास्टैग का बदला नियम, हर साल रिन्यूअल से मिली छूट; जानिए हर सवाल का जवाब
यह भी पढ़ें- 'जुर्माना भर कर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता', वाहनों की ओवरलोडिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
