नई दिल्ली, प्रेट्र। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि नीतिगत स्तर पर मदद की सबसे ज्यादा जरूरत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को है। सरकार इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद देती रहेगी।

इंस्टीट्यूट फार स्टडीज इन इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट (आइएसआइडी) के कार्यक्रम में कुमार ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने एमएसएमई क्षेत्र की मदद के लिए पिछले कुछ समय के दौरान कई उपाय घोषित किए हैं। सभी पक्षों को एमएसएमई क्षेत्र के लिए नीतिगत स्तर पर ध्यान देने की सर्वाधिक जरूरत है।कुमार ने कहा कि एमएसएमई की आय में 50 फीसद की गिरावट आई है।

महामारी के दौरान एक-तिहाई एमएसएमई कंपनियों की आय घटी है। हाल के दिनों में इस सेक्टर के बारे में बातें तो बहुत हुई हैं, लेकिन इसकी कुछ समस्याओं का निदान अभी तक नहीं हो पाया है। एमएसएमई क्षेत्र की मदद के लिए सरकार द्वारा उठाए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईसीएलजीएस के तहत 2.73 लाख करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। एमएसएमई की पूंजी आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है।

नीति आयोग के फोन नंबर भी स्पाइवेयर पेगासस की निगरानी सूची में मिले

उधर, इजरायली स्पाइवेयर पेगासस की निगरानी सूची में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) प्रवर्तन निदेशालय (ED) नीति आयोग सेना बीएसएफ के अधिकारियों के फोन नंबर भी मिले हैं। लीक डाटा के मुताबिक ईडी के राजेश्वर सिंह को निगरानी वाले लोगों की सूची में रखा गया था।  लीक डाटा के मुताबिक ईडी के राजेश्वर सिंह को निगरानी वाले लोगों की सूची में रखा गया था। राजेश्वर सिंह ने 2जी लेकर सहारा समूह के खिलाफ ईडी जांच की अगुआई की थी। सूची में सिंह के परिवार की तीन महिलाओं के फोन नंबर भी मिले हैं। पेगासस की निगरानी सूची में पीएमओ और नीति आयोग के कम से कम एक-एक अधिकारी का फोन नंबर भी मिला है।

Edited By: Pooja Singh