जम्मू। राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर में हुई हिसा व तोड़फोड़ के मामले की जांच रिपोर्ट में सारा दोष गैर कश्मीरी छात्रों पर मढ़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कैंपस में हुई हिसा की साजिश बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों ने रची थी। निट में तनाव की योजना 31 मार्च से पहले की थी। मामले की जांच कर रहे एडिशनल डिप्टी कमिश्नर श्रीनगर ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी।

जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक तो नहीं की गई है। लेकिन विश्र्वस्त सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में एनआईटी के हालात के लिए बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में आरोप कहा गया है कि एनआईटी के कुछ विद्यार्थियों ने तिरंगा झंडा बाहरी राज्य से मंगवाया था। जिस कोरियर डिलवरी युवक ने झंडा पहुंचाया, उसे पीटा गया और भारत माता की जय के नारे लगाने के लिए कहा गया। फैकल्टी ने विद्यार्थियों से कहा कि झंडा एनआईटी के आधिकारिक कार्यक्रम में फहराया जाता है, इसलिए हर जगह फहराकर इसका अपमान नहीं किया जा सकता।

भारत व वेस्टइंडीज मैच के दौरान बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों ने स्थानीय छात्रों को उकसाया, जिन्होंने बाद में हरे झंडे फहराए। स्थानीय विद्यार्थियों ने जो झंडे फहराए थे, उन्हें कैंपस के बाहर से लाया गया था। बाहरी विद्यार्थियों ने तोड़फोड़ की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

इस संबंध में एनआईटी श्रीनगर के डायरेक्टर रजत गुप्ता का कहना है कि संस्थान ने पहले ही विद्यार्थियों की मांगें मान ली हैं, लेकिन उन्होंने कैंपस में तिरंगा फहराए जाने के मुद्दे पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

हमने जांच रिपोर्ट डीसी श्रीनगर को सौंप दी है। रिपोर्ट में अकादमिक की बेहतरी के लिए काम करने का सुझाव दिया गया है।
-नजीर अहमद बाबा, एडशिनल डिप्टी कमिश्नर

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Edited By: Sanjeev Tiwari