Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसरो-नासा मिशन की सफलता: निसार सेटेलाइट ने तैनात किया 12 मीटर व्यास का एंटीना; मिलेगी धरती की सटीक जानकारी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:46 AM (IST)

    नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) सेटेलाइट ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने शुक्रवार को बताया कि निसार ने 12 मीटर व्यास का एंटीनारिफ्लेक्टर तैनात कर दिया है। अब यह वैज्ञानिक कार्यों के चरण में प्रवेश कर चुका है। 

    Hero Image

    निसार सेटेलाइट ने तैनात किया 12 मीटर व्यास का एंटीना (फोटो- एक्स)

    पीटीआई, बेंगलुरु। नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) सेटेलाइट ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने शुक्रवार को बताया कि निसार ने 12 मीटर व्यास का एंटीना रिफ्लेक्टर तैनात कर दिया है। अब यह वैज्ञानिक कार्यों के चरण में प्रवेश कर चुका है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    निसार को 30 जुलाई, 2025 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया था। इसरो के एस-बैंड और नासा के एल-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) पेलोड के लिए एंटीना महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इसरो ने कहा, निसार द्वारा खींची गई पहली एस-बैंड एसएआर तस्वीर 19 अगस्त, 2025 को मिली थी। इसमें आंध्र प्रदेश के उपजाऊ गोदावरी नदी डेल्टा क्षेत्र के मैंग्रोव, कृषि, सुपारी के बागान आदि स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। यह तस्वीर निसार के एस-बैंड एसएआर की क्षमता को उजागर करती है।

    कक्षा में निसार के पहुंचने के 100वें दिन एस-बैंड एसएआर की तस्वीरों को इसरो के अध्यक्ष ने जनता के लिए जारी किया। इसके साथ ही विज्ञान चरणकी शुरुआत की भी घोषणा की गई। एंटीना को नौ मीटर लंबे बूम पर लांच किया गया था, जो उपग्रह के निकट था।

    एंटीना और बूम को नासा ने विकसित किया है। इसे चरणबद्ध तरीके से नौ से 15 अगस्त के बीच तैनात किया गया। एंटीना सिस्टम का प्रदर्शन संतोषजनक है। इसरो के अनुसार, सभी संचालन नासा के सहयोग से इसरो टेलीमेट्री ट्रै¨कग और कमांड नेटवर्क से किए गए।

    इसरो ने कहा कि 19 अगस्त को पहली तस्वीर प्राप्त करने के बाद, निसार एस- बैंड एसएआर नियमित रूप से तस्वीरें खींच रहा है।

    इसरो ने कहा कि विज्ञानियों और इंजीनियरों द्वारा प्रारंभिक विश्लेषण से कृषि, वानिकी, भूविज्ञान, जल विज्ञान, ध्रुवीय/हिमालयी बर्फ, और महासागरीयअध्ययन सहित विभिन्न विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के लिए एस-बैंड एसएआर डाटा की संभावनाओं को उजागर किया है।