एआई से लेकर मैन्यूफैक्चरिंग तक में निवेश के लिए भारत सबसे माकूल, अमेरिका में निवेशकों से बोलीं सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिकागो में अमेरिकी निवेशकों से कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे उपयुक्त जगह है, ...और पढ़ें

एआई से लेकर मैन्यूफैक्चरिंग तक में निवेश के लिए भारत सबसे माकूल।
HighLights
भारत निवेश के लिए सबसे माकूल समय।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, मैन्यूफैक्चरिंग में निवेश।
मजबूत घरेलू मांग और कुशल मानव श्रम।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी निवेशकों से कहा है कि दुनिया के सभी प्रमुख देशों में अभी भारत में ही निवेश करने का सबसे माकूल समय है।
शनिवार को शिकागो में अमेरिकी कंपनियों व पूंजी निवेश करने वालों के साथ वार्ता में उन्होंने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मैन्यूफैक्चरिंग, रक्षा निर्माण, फूड प्रोसेसिंग से लेकर वित्त सेवा तक में भारत में निवेश करने पर उन्हें बड़े रिटर्न मिल सकते हैं।
कनाडा के बाद अमेरिका के निवेशकों एवं मैन्यूफैक्चर्स को अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में अभी मजबूत घरेलू मांग है, भारतीय अर्थव्यवस्था का निवेश आधारित विकास हो रहा है, वृहद स्तर पर हमारी अर्थव्यवस्था क्षमतावान है, योग्य व कुशल मानव श्रम की प्रचुरता है और तेजी से बढ़ता हुआ फिजिकल व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है।
निवेश के लिए एक साथ इतना अनुकूल माहौल किसी और देश में नहीं है। इससे पहले वित्त मंत्री कनाडा दौरे पर थी जहां दोनों देशों ने अगले पांच साल में अपने व्यापार को दोगुना करते हुए 70 अरब डॉलर तक ले जाने पर सहमति जाहिर की है।
पिछले चार दिनों तक वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जापान में थे जहां उन्होंने दर्जनों निवेशक व उद्यमियों को भारत में निवेश के लिए सैद्धांतिक स्तर पर तैयार कर लिया।
सीतारमण ने शिकागो में उद्यमियों से कहा कि भारत में यूपीआई, आधार, डिजिलॉकर, ओएनडीसी जैसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसकी मदद से वे भारत में आकर एआई, एनालिटिक्स व इंजीनियरिंग से जुड़े प्रोडक्टस को आसानी से बना सकते हैं।
गुजरात स्थिति गिफ्ट सिटी में वित्तीय सेवा से जुड़ी 1250 कंपनियां पंजीकृत हो चुकी है और यह सिटी गेटवे ऑफ इंडिया के रूप में काम करने वाला है। वे भारत के गिफ्ट सिटी का फायदा उठा सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के मामले में भारत अब असेंबलिंग से बाहर निकल गहन तरीके से कंपोनेंट्स का मैन्यूफैक्चरिंग करने की दिशा में बढ़ रहा है।
मैन्यूफैक्चरिंग के लिए सरकार प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव के साथ कई अन्य नीतिगत समर्थन भी दे रही है।
वित्त मंत्री ने अमेरिकी निवेशकों से कहा कि भारत में किसी एक सेक्टर में नहीं बल्कि दर्जनों सेक्टर में उन्हें निवेश का मौका है जहां से वे सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, पूरी दुनिया के उत्पादन कर सकते हैं, इनोवेट कर सकते हैं। भारत दुनिया की सप्लाई चेन निर्माण का सबसे अनुकूल प्लेटफॉर्म बन चुका है।
