तिरुअनंतपुरम, प्रेट्र। 'मैं अब जा रही हूं.. तुम हमारे बच्चों का अच्छे से ध्यान रखना..' यह भावुक पंक्तियां केरल की उस नर्स लिनि (28) के पत्र की हैं जो उसने मरने से पहले अपने पति सजीश को लिखा था। लिनि निपाह वायरस प्रभावित मरीजों की देखभाल के दौरान खुद भी इसकी चपेट में आ गई थी।
लिनि का मलयालम में लिखा यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कोझिकोड में पेराम्बरा तालुक अस्पताल में नर्सिग असिस्टेंट रही लिनि के पति सजीश बहरीन में काम करते हैं। उनके दो बेटे हैं जिनकी उम्र क्रमश: दो वर्ष और पांच वर्ष है। पत्र में लिनि ने पति सजीश को लिखा है, उसे नहीं लगता है कि वह अब कभी उनसे मिल पाएगी। इसीलिए उसकी मौत के बाद वह दोनों बच्चों को अपने साथ बहरीन ले जाए। हालांकि लिनी के खराब स्वास्थ्य की खबर पाकर सजीश दो दिन पहले घर लौट आया था। लिनि की सोमवार को मौत हो गई थी। परिवार से सलाह मशविरा करके प्रशासन ने एहतियातन लिनि के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था ताकि वायरस और न फैले। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फेसबुक पर लिनि की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

मरने वालों की संख्या 10 हुई
इस बीच, केरल के कोझिकोड और मल्लपपुरम जिलों में निपाह वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वायरस प्रभावित नौ लोगों का इलाज किया जा रहा है, इनमें से दो की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।

स्थिति नियंत्रण में, आतंकित होने की जरूरत नहीं : नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे आतंकित न हों, स्थिति नियंत्रण में है। वायरस के और फैलने की संभावना नहीं है क्योंकि उसकी रोकथाम के शुरुआती और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही मंत्रालय का कहना है कि इस वायरस का फैलाव स्थानीय है। अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकारी और निजी क्षेत्र के अस्पतालों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए हैं।

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