परीक्षा में सुधारों पर नीलेकणि ने राधाकृष्णन समिति के अध्यक्ष रहे पूर्व इसरो प्रमुख से ली सलाह
नंदन नीलेकणि के नेतृत्व वाले परीक्षा सुधार पैनल ने इसरो के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन से सलाह ली, जिन्होंने नीट पेपर लीक के बाद बनी समिति की अध्यक्षता की थी।

परीक्षा सुधारों पर नीलेकणि पैनल ने राधाकृष्णन से ली अहम सलाह।
HighLights
नीलेकणि पैनल ने परीक्षा सुधारों पर राधाकृष्णन से परामर्श किया।
राधाकृष्णन ने 2024 नीट पेपर लीक समिति की अध्यक्षता की थी।
पैनल परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने हेतु सुझाव मांग रहा है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। परीक्षा सुधारों पर नंदन नीलेकणि के नेतृत्व वाले पैनल ने ईसरो के पूर्व चेयरमैन के. राधाकृष्णन से सलाह-मशविरा किया। राधाकृष्णन ने 2024 में नीट पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एक कमेटी की अध्यक्षता की थी।
जुलाई में बनाया गया पैनल अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा कर रहा है और इसने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों, विषय विशेषज्ञों और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं से सुझाव भी मांगे हैं। जून 2024 में बनाई गई राधाकृष्णन कमेटी ने उसी साल अक्टूबर में अपनी सिफारिशें सौंपी थीं।
इसके बाद केंद्र ने सिफारिशों को लागू करने की निगरानी के लिए हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी नाम की एक और कमेटी बनाई, जिसके प्रमुख भी राधाकृष्णन ही थे।
शिक्षा मंत्रालय उन सुझावों को लागू करने की प्रक्रिया में ही था, तभी इस साल नीट का पेपर लीक होने का मामला बड़े विवाद में बदल गया। इससे विरोध-प्रदर्शन हुए और आखिरकार तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं में व्यापक सुधारों पर अध्ययन और सुझाव देने के लिए यूआइडीएआइ के पूर्व चेयरमैन नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई थी। यह परीक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रही है और प्रणाली को मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सुधारों का सुझाव देगी।"
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
