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कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए हमले की जांच करेगा भारत, NIA ने दर्ज किया मामला

Published: Sat, 10 Oct 2026 05:17 PM (IST)

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए जानलेवा हमले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) करेगी। ...और पढ़ें

NIA  करेगी स्मित मच्छर पर हुए हमले की जांच (फाइल फोटो)

NIA करेगी स्मित मच्छर पर हुए हमले की जांच (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए जानलेवा हमले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) करेगी।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया NIA ने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है।

केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने एंटी-हाइजाकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

क्या है FIR में?

FIR के अनुसार, ओमान के को-पायलट ने विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की नीयत से कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया था। घायल अवस्था के बावजूद पायलटों व क्रू मेंबर्स ने विमान को नियंत्रित कर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया।

केंद्र सरकार को इस घटना की जानकारी मिलने के बाद निष्कर्ष निकाला गया कि यह अपराध 'एंटी-हाइजैकिंग एक्ट' और 'यूएपीए' के तहत आता है। ये दोनों प्रावधान 'एनआईए एक्ट, 2008' की सूचीबद्ध धाराओं में शामिल हैं। इसके तहत सरकार ने एनआईए एक्ट की धारा 6 (5) और (8) को धारा 8 के साथ पढ़ते हुए एजेंसी को मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

सरकार के अनुसार, यात्री विमान को हाईजैक या क्रैश कराने की कोशिश के चलते देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी एजेंसी से जांच कराना आवश्यक हो गया था। हालांकि, FIR में हमले के सटीक मकसद या किसी अन्य साजिशकर्ता का जिक्र नहीं है।

कैसी है स्मित मच्छर की तबीयत?

विदेश मंत्रालय (MEA) ने पिछले बुधवार को कहा कि कैप्टन मच्छर अबू धाबी के एक अस्पताल में ऑपरेशन के बाद इलाज का अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं।

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि UAE में भारतीय दूतावास मच्छर की हालत पर नजर रखने के लिए उनके परिवार, डॉक्टरों, अस्पताल के अधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों के नियमित संपर्क में रहा है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)