इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को भड़का रहा था ISIS, 9 लोगों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट
एनआईए ने युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी बनाने में शामिल आइसिस के नौ सदस्यों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है।

एनआईए ने आइसिस के नौ सदस्यों पर आरोप-पत्र दाखिल किया

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एनआईए ने भोले-भाले युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बनाने में संलिप्त आइसिस (इस्लामिक स्टेट) के नौ सदस्यों एवं उनके समर्थकों के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल किया है।
एनआईए ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि जांच से पुष्ट हुआ है कि आरोपितों ने मुख्य रूप से इंस्टाग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के जरिये प्रतिबंधित आतंकी समूहों की गतिविधियों में मदद करने के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। इसका मकसद हिंसक जिहाद के जरिये भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करना था।
आरोपितों ने आतंकी गतिविधियों की तैयारी के तहत आपस में गोपनीय तरीके से बातचीत के लिए एक सुरक्षित एप भी बनाया और उसे टेस्ट किया था। साथ ही विस्फोटक बनाने व हथियारों के प्रशिक्षण की योजना व तैयारी की थी।
केंद्रीय एजेंसी ने आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा की एक विशेष अदालत में मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जिशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शारुक खान और शेख फैज उर रहमान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-61(2) के साथ 3(5) और 152 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा-13(1), 38 और 39 के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया है।
बीएनएस की धाराएं आपराधिक साजिश, साझा हित और भारत की संप्रभुता, एकता व अखंडता को खतरे में डालने से जुड़ी हैं। यूएपीए की धाराएं गैरकानूनी गतिविधियों, आतंकी संगठनों की सदस्यता व उन्हें मदद करने के लिए सजा से जुड़े हैं।
यह मामला 23 मार्च, 2026 को विजयवाड़ा-2 टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में इसे एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था। अब तक इस केस में 11 आरोपितों और एक बच्चे को पकड़ा गया है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
