नई दिल्ली, एजेंसी। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रेशन रद करने के आदेश से असंतुष्ट होने पर एक सितंबर से आनलाइन समीक्षा याचिका दायर कर सकता है। एनजीओ एक सितंबर से गृह सचिव के समक्ष आनलाइन संशोधन याचिका दायर कर सकेगा।

विदेश से धनराशि प्राप्त करने के लिए करना होता है रजिस्ट्रेशन

कानून के अनुसार, विदेशी धनराशि हासिल करने वाले सभी एनजीओ को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है।एक अधिसूचना में कहा गया है कि एफसीआरए के तहत रजिस्टर्ड एनजीओ को आदेश की सूचना दिए जाने की तारीख से एक साल के अंदर संशोधन आवेदन दायर किया जा सकता है। अपने संशोधन आवेदन में एनजीओ को यह उल्लेख करना होगा कि वह संशोधन की मांग क्यों कर रहा है। इससे संबंधित यदि कोई दस्तावेज है तो वे भी सौंपे जा सकते हैं।

करना होगा शुल्क का भुगतान

इसके लिए तीन हजार रुपये का शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क एक हजार रुपये था। संशोधन आवेदन अब आनलाइन दाखिल किया जाने लगा है। आवेदन एक सितंबर से भौतिक रूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय को संशोधन आवेदन या किसी भी संबंधित दस्तावेज की भौतिक प्रति भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।

फिजिकल कॉपी भेजने की जरूरत नहीं

समीक्षा याचिका को ऑनलाइन दायर किया जा सकता है। कोई भी एनजीओ जो इससे संबंधित आवेदन दाखिल करना चाहता हो, आवेदन की स्कैन की फोटो कॉपी को एफसीआरए के पोर्टल पर 'एफसीआरए के तहत सेवाएं' हेडिंग के साथ अपलोड कर सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में आवेदन के लिए गृह मंत्रालय को किसी भी प्रकार के दस्तावेज की फिजिकल कॉपी ( physical copy) भेजने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने रद्द किया था एनजीओ के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन

केंद्र सरकार ने पिछले पांच साल के दौरान कानूनों को उल्लंघन करने के लिए करीब 1900 गैर सरकारी संगठनों (NGO) के एफसीआरए पंजीकरण को रद्द कर दिया है। हालांकि दिसंबर 2021 के अंत तक भारत में 22,762 एफसीआरए पंजीकृत संगठन थे।

Edited By: Sonu Gupta