सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति और आठ जुलाई से ज्यादातर सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठानों के खुल जाने के बाद भारतीय रेलवे ने पटरी पर और ट्रेनों को उतारने की तैयारी शुरु कर दी है। इसके लिए शुरु की गई 230 स्पेशल ट्रेनों के बिक रहे टिकटों की समीक्षा की जा रही है। जून के दूसरे सप्ताह में नियमित ट्रेनों के संचालन का अगला चरण चालू हो जाएगा, लेकिन उन ट्रेनों के लिए टिकट की बुकिंग भी जल्दी ही शुरु कर दी जाएगी।

छोटी दूरी की ट्रेनों को मिलेगी प्राथमिकता

रेलवे सूत्रों का कहना है कि अगले चरण में जिन ट्रेनों को पटरी पर उतारने की तैयारी की जा रही है, उनमें छोटी दूरी की ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें वंदे भारत और शताब्दी जैसे ट्रेनें खास होंगी, जो सुबह जाकर शाम तक अपने गंतव्य को लौट आती हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सब कुछ सामान्य करने में भी भारतीय रेलवे की अहम भूमिका होगी। इसीलिए ट्रेनों को चलाने को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है।

आज से 100 जोड़ी ट्रेनों का संचालन चालू हो गया

एक जून से 100 जोड़ी ट्रेनों का संचालन चालू हो गया है, जो शत प्रतिशत टिकट बुकिंग के साथ अपने गतंव्य के लिए रवाना हुई हैं। इसी तरह 15 जोड़ी राजधानी स्पेशल ट्रेने 12 मई से ही चल रही हैं, जो लोकप्रिय हुई हैं। अगले एक सप्ताह के दौरान इन ट्रेनों के संचालन में स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित सावधानी की भी समीक्षा की जा रही है। यात्रियों में इन ट्रेनों की मांग को आधार बनाया जाएगा। रेलवे के जिन रुटों पर ज्यादा यात्रियों का बोझ अधिक रहता है, उन पर चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों का अध्ययन किया जा रहा है। जिन राज्यों से स्पेशल ट्रेनें गुजर रही हैं, वहां पहुंचने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी राज्य सरकारों के सुरक्षा बंदोबस्त का भी अध्यन किया जाएगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बहुत जल्दी आगामी ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग भी चालू कर दी जाएगी।

भारतीय रेल पर फंसे प्रवासी मजदूरों को पहुंचाने का बड़ा दबाव घट गया

भारतीय रेल पर फिलहाल सबसे बड़ा दबाव विभिन्न व्यावसायिक महानगरों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने का था, जो अब घट गया है। एक मई से चालू हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़कर 4000 से अधिक हो गई हैं, जिनके मार्फत अब तक 55 लाख श्रमिकों को उनके गतंव्य तक पहुंचाया गया है, लेकिन सामान्य यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए रेलवे ने नियमित ट्रेनों का संचालन भी प्रारंभ कर दिया। 12 मई को जहां 15 जोड़ी राजधानी ट्रेनें चलीं तो एक जून, सोमवार को एक सौ नियमित ट्रेनें शुरु हुईं हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

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