नई दिल्ली, जेएनएन। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का लाइव प्रसारण पर फैसला 17 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल राव को दो हफ्तों में कोर्ट के दिशा-निर्देश के आधार पर गाइडलाइन तैयार कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही मामले में याचिकाकर्ताओं से अपने सुझाव अटॉर्नी जनरल को सौंपने का निर्देश भी दिया है। मामले में जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण ने कहा कि लॉ इंटर्न कोर्ट के अहम मामलों की कार्यवाही कई वजह से नहीं देख पाते हैं। ऐसे में संवैधानिक मामलों का लाइव प्रसारण उन्हें कोर्ट के मामलों को समझने में मदद कर सकता है।  

बतादें कि अटॉर्नी जनरल ने पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के मामलों की सुनवाई का सजीव प्रसारण किया जा सकता है। हालांकि उनकी ओर से प्रयोग के तौर पर मुख्य न्यायाधीश की संवैधानिक पीठ के मामलों की सुनवाई का लाइव प्रसारण की संभावना जाहिर की गई थी। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट के लाइव प्रसारण का व्यवसायिक इस्तेमाल को लेकर चिंता का जिक्र किया था। 

उन्होंने कहा था कि कोर्ट सुनिश्चित करे कि कोई व्यक्ति या संस्था सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के सीधे प्रसारण का व्यवसायिक हितों के लिए इस्तेमाल न कर सके। इंदिरा जय सिंह मामले में एक याचिकाकर्ता है, जिनकी ओर से याचिका दाखिल करके राष्ट्रीय और संवैधानिक महत्व के मामलों की पहचान कर उनकी रिकॉर्डिंग और सीधा प्रसारण करने की मांग की थी। 

Posted By: Manish Negi