नई दिल्ली (रायटर)। सेहत के लिहाज से स्तनपान न सिर्फ शिशुओं, बल्कि माताओं के लिए भी हितकारी माना जाता है। इससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से बचाव हो सकता है। अब नए अध्ययन में पाया गया है कि शिशुओं को लंबे समय तक स्तनपान कराने से माताओं में डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं के अनुसार, लंबे समय तक स्तनपान का संबंध डायबिटीज के निम्न खतरे से पाया गया है। डॉक्टर भी माताओं को अपने शिशुओं को जन्म के बाद कम से कम छह महीने तक स्तनपान कराने की सलाह देते हैं। इससे शिशुओं में कान और श्वसन संबंधी संक्रमण का खतरा कम होता है। इससे एलर्जी, मोटापा और डायबिटीज से भी बचाव हो सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि शिशुओं को कम से कम एक साल तक स्तनपान कराने से माताएं डायबिटीज के खतरे से बच सकती हैं।

कृषि वैज्ञनिकों का दावा-इस बैगन में हैं बड़े-बड़े गुण, जानिए क्या है खासियत

अब मधुमेह रोगियों के लिए सफेद बैगन वरदान साबित होगा। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा इसे स्वादिष्ट और गुणकारी बनाने में काफी हद तक सफलता मिल चुकी है। अब इसके विशेष गुण को अन्य रंगों के बैगन में भी स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। दरअसल, गुणकारी होने के बाद बावजूद कड़ा, अधिक बीज एवं स्वाद में अन्य बैगन से फीका होने के कारण सफेद गोल बैगन को लोग पसंद नहीं करते हैं, लेकिन इसमें अत्यधिक रेशा, फेनोल्स की अधिकता, कार्बोहाइड्रेड की न्यूनतम मात्रा तथा क्लोरोजेकिन की उपस्थिति मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कुलपति डॉ. अजय कुमार सिंह की पहल पर इसकी उत्पादन क्षमता के साथ-साथ इसे मुलायम व सुस्वादिष्ट बनाने की कार्य योजना पर सफलता हासिल कर ली है। शोध का फलाफल अब बाजार में इसकी मांग बढ़ेगी और किसान के आर्थिक उन्नति का नया द्वार खुलेगा।

शोध में जुटे हैं ये वैज्ञानिक

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के सब्जी वैज्ञानिकों का एक दल इसकी गुणवत्ता बढ़ाने पर निरंतर शोध कर रहा है। प्रतिवर्ष इसकी गुणवत्ता में हो रही वृद्धि का मूल्यांकन कार्य प्रगति पर है। वैज्ञानिकों का मानना है की सफेद बैगन की नवीनतम किस्म आकर्षक एवं सुस्वादिष्ट है। अन्य किस्मों से इसकी उत्पादकता भी अधिक है। 

यह भी पढ़ें: अब दिव्यांग श्रेणी में शामिल हुआ मधुमेह टाइप वन, फॉर्म भरो-सुविधाएं पाओ

Posted By: Sanjay Pokhriyal