नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। नए श्रम कानून से 100 से कम श्रमिकों वाली लगभग 2 लाख यूनिट को विस्तार का मौका मिलेगा। नए श्रम कानून के तहत 300 से कम कर्मचारियों वाली यूनिट सरकार की बिना इजाजत के अपने कर्मचारियों को निकाल सकती है या काम बंदी की घोषणा कर सकती है। अब तक 100 से कम कर्मचारी रखने वाली यूनिट ही ऐसा कर सकती है। 

नए श्रम कानून से होगा बदलाव

श्रम मंत्रालय के मुताबिक, देश में 100 से कम कर्मचारी वाली लगभग 2 लाख यूनिट है। मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अब तक 100 से कम कर्मचारियों वाली यूनिट अपना विस्तार इसलिए नहीं करती थी क्योंकि संख्या बढ़ जाने पर उन्हें काम बंदी या अपने श्रमिकों को काम से हटाने के लिए सरकारी इजाजत की जरूरत पड़ेगी। अब 100 कर्मचारियों की सीमा को बढ़ाकर 300 कर दिया गया है। ऐसे में 100 से कम कर्मचारियों वाली यूनिट अपना विस्तार करती है तो भी उन्हें पहले की तरह ही काम बंदी या अपने श्रमिकों को बिना किसी सरकारी रोक टोक के निकालने की इजाजत होगी। मंत्रालय का मानना है कि ऐसे में हर हाल में छोटी यूनिट अपना विस्तार करेंगी जिससे नए रोजगार निकलेंगे।

काम बंदी करने पर भी श्रमिकों को सभी प्रकार के मुआवजे

मंत्रालय की तरफ से यह भी बताया कि 300 से कम संख्या वाली यूनिट बंद होती है या वहां के श्रमिकों को काम से हटाया जाता है तो ऐसा नहीं है कि कामगारों के हितों का ध्यान नहीं रखा जाएगा। यूनिट मालिक को अपने कामगारों को सेवा के पूरे किए गए प्रत्येक वर्ष के लिए 15 दिनों के वेतन, नोटिस अवधि के वेतन जैसी सुविधाएं देनी होंगी। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि राजस्थान में श्रम कानून के इस मॉडल को अपनाया गया जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान में 100 से अधिक कर्मचारियों वाली यूनिट की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई।

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