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'जहां SIR प्रक्रिया नहीं चल रही, वहां फॉर्म 6 एनरोलमेंट के लिए मैपिंग की जरूरत नहीं', चुनाव आयोग ने किया साफ

Published: Sun, 27 Sep 2026 03:30 PM (IST)

चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 के तहत मतदाता नामांकन के नियमों में बदलाव स्पष्ट किए हैं। SIR प्रक्रिया वाले राज्यों ...और पढ़ें

भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल। (फोटो- पीटीआई।)

भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. गैर-SIR राज्यों में फॉर्म 6 के लिए घोषणापत्र की आवश्यकता नहीं।

  2. SIR प्रक्रिया वाले राज्यों में पिछले वोटर लिस्ट का डिक्लेरेशन अनिवार्य।

  3. चुनाव आयोग ने घोषणापत्र की आवश्यकता को सुप्रीम कोर्ट से सही ठहराया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) नहीं चल रहा है वहां वोटर के तौर पर नए एनरोलमेंट के लिए फॉर्म 6 भरने वालों को अब पिछले एसआईआर के समय की वोटर लिस्ट में खुद या अपने रिश्तेदार की जानकारी से जुड़ा डिक्लेरेशन लगाने की जरूरत नहीं होगी।

वहीं, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर चल रहा है वहां फॉर्म 6 के साथ आवेदक को एक जरूरी डिक्लेरेशन देना होगा। इसमें उन्हें पिछले एसआईआर के समय की वोटर लिस्ट में अपनी या अपने रिश्तेदारों की जानकारी देनी होगी। साथ ही पिता, माता और जीवनसाथी के नाम और उनके एपिक नंबर (अगर उपलब्ध हों) भी बताने होंगे।

चुनाव आयोग ने घोषणा पत्र जमा करने की जरूरत ठहराया सही

शनिवार को तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर नए वोटरों के लिए एसआईआर के तहत फॉर्म 6 के साथ घोषणा-पत्र जमा करने की जरूरत को सही ठहराया। आयोग ने कहा, "एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है।"

आयोग ने आगे कहा कि गैर एसआईआर अवधि के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स 1960 के तहत लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। यह घोषणा सबसे पहले 24 जून, 2025 को बिहार के लिए जारी एसआईआर आदेश में फॉर्म 6 में जोड़ी गई थी। गैर एसआईआर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सिस्टम तुरंत एसआईआर से पहले वाले फॉर्म 6 पर वापस आ जाएगा। इनमें वे राज्य भी शामिल हैं जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।

सीईसी और ईसी ने सर्वसम्मति से दी मंजूरी

शनिवार को चुनाव आयोग के बयान में यह बात रिकॉर्ड पर लाई गई कि एसआईआर के तीनों आदेश जो बिहार में पहले चरण के लिए 24 जून, 2025 को, 12 राज्यों में दूसरे चरण के लिए 27 अक्टूबर, 2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे तीसरे चरण के लिए 14 मई, 2026 को जारी किए गए थे, उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों आयुक्तों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी।

किसी भी तरह के शक की गुंजाइश न रहे इसके लिए चुनाव आयोग ने कहा कि शनिवार का बयान भी पूरे कमीशन की मंजूरी से जारी किया गया था। बिहार के लिए एसआईआर ऑर्डर में जब फॉर्म 6 के साथ लगाया जाने वाला डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र) शुरू किया गया था तब से उसमें बदलाव किया गया है।

बिहार घोषणापत्र के तहत नए नामांकन चाहने वालों को अपनी या अपने माता-पिता की जन्म-तिथि और जन्म-स्थान की जानकारी देनी थी और एसआईआर आदेश के साथ जुड़ी 11 दस्तावेजों की सूची में से कोई एक प्रमाण जमा करना था। हालांकि, यह सूची पूरी नहीं थी। एसआईआर के बाद के चरणों के लिए इस घोषणापत्र में बदलाव किया गया, जिसमें नागरिकता का प्रमाण मांगने के बजाय पिछले एसआईआर से मैपिंग की व्यवस्था की गई।

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