नई दिल्‍ली, जेएनएन। Turning Point इस बार हम एंटरप्रेन्योरशिप पर पड़ने वाले पोस्ट कोविड इफेक्ट्स के बारे में चर्चा कर रहे हैं। साथ ही, यह भी जानेंगे कि वे कौन-सी परेशानियां हैं, जिनका युवा व्यवसायी अपने बिजनेस में सामना कर रहे हैं और उन परेशानियों को किस तरह से दूर किया जाना चाहिए। उन उपायों के बारे में भी बात करेंगे, जो भविष्य में शुरू किये जाने वाले आपके व्यापार के लिए भी उपयोगी साबित होंगे।

मौजूदा हालात के बीच कोविड-19 को हर सेक्टर के लिए इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा, जिसने देश-दुनिया को हेल्थ और वेल्थ दोनों तरह से भारी नुकसान पहुंचाया है। एंटरप्रेन्योरशिप भी इससे अछूता नहीं रहा। समय के साथ अब जब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने को तैयार है, तो ऐसे में यह जानना जरूरी है कि क्या युवा एंटरप्रेन्योर भी दूसरी लहर के बाद के हालात से उबरने को तैयार हैं या फिर अपने बिजनेस प्लान को लेकर अब भी दुविधा में ही हैं। अगर ऐसा है, तो यहां दी गई युक्तियों को अपनाएं। निश्चित रूप से ये युक्तियां कोविड के बाद की नई बिजनेस चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित हो सकती हैं:

आफलाइन से आनलाइन बिजनेस में हों शिफ्ट: पिछले डेढ़-दो साल के दौरान लाकडाउन को ही मौजूदा महामारी की रोकथाम का एकमात्र उपाय माना गया। घरों से बाहर जाने की मनाही के चलते लोगों ने आनलाइन खरीदारी का रास्ता चुना और इसका विपरीत प्रभाव आफलाइन बिजनेस पर पड़ा। आफलाइन बिजनेस के लिए लाकडाउन एक बड़ी समस्या रहा है, लेकिन उसका सही और बेहतरीन समाधान है कि बिजनेस को आनलाइन की तरफ शिफ्ट कर लिया जाए। दरअसल, बिजनेस की आनलाइन मौजूदगी कस्टमर के बीच भरोसा तो बनाती ही है, इसके साथ ही साथ बिजनेस को मजबूत भी बनाती है। इसके कुछ दूसरे और भी महत्वपूर्ण फायदे हैं।

इंटरनेशनल स्तर पर बिजनेस का विस्तार: आफलाइन बिजनेस सिर्फ उस एरिया तक ही सीमित रहता है, जहां बिजनेस स्थापित है, लेकिन आनलाइन बिजनेस के माध्यम से युवा एंटरप्रेन्योर देश ही नहीं, विदेश तक अपने व्यवसाय को पहचान दिलाने के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। कुल मिलाकर, आनलाइन बिजनेस के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों ही स्तर पर ब्रांड की वैल्यू बनायी जा सकती है।

भुगतान प्रक्रिया में सुधार: युवा एंटरप्रेन्योर की बिजनेस यात्रा में सबसे ज्यादा चुनौतियां और व्यवधान भुगतान प्रक्रिया के चलते ही आते हैं, लेकिन भुगतान के लिए आनलाइन तरीका अपनाना इस परेशानी को समाप्त करने का बेहतरीन उपाय है। इसका एक फायदा और भी है। आनलाइन पेमेंट प्रासेस के जरिए आपका बिजनेस उधार के लेन-देन से भी मुक्त हो जाता है। इस तरह अगर बिजनेस डिजिटली होगा तो आपकी बहुत-सी परेशानियां खुद ही दूर हो जाएंगी।

उपयोगी बातें

  • निश्चित रूप से कोविड-19 को हर सेक्टर के लिए इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा, जिसने देश-दुनिया को हेल्थ और वेल्थ दोनों तरह से भारी नुकसान पहुंचाया है
  • आनलाइन बिजनेस आज समय की जरूरत बन गया है। इसके माध्यम से युवा एंटरप्रेन्योर देश ही नहीं, विदेश तक अपने व्यवसाय को पहचान दिलाने के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं
  • बिजनेस हमेशा कस्टमर की जरूरत के मुताबिक होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि बिजनेस माडल जब कस्टमर के हिसाब से होगा, तो वह सही दिशा में काम जरूर करेगा। इससे बिजनेस की सेल भी बढ़ेगी और बिजनेस ग्रोथ भी करेगा

कस्टमर के हिसाब से बिजनेस माडल: कोरोना ने बड़े से बड़े बिजनेस का रूप बदल दिया है, लेकिन युवा एंटरप्रेन्योर होने के नाते आपको बिजनेस की हर बारीकी को तो समझना ही होगा, साथ ही कस्टमर को भी पहचानना होगा और उसे समझना होगा। अगर जरूरत पड़े तो कस्टमर की जरूरतों को समझ कर उसके हिसाब से अपने बिजनेस माडल को बदलने की रणनीति भी काफी कारगर साबित हो सकती है, क्योंकि कस्टमर ही बिजनेस की सबसे बड़ी कड़ी होता है। बिजनेस माडल जब कस्टमर के हिसाब से होगा, तो वह सही दिशा में काम जरूर करेगा। इससे बिजनेस की सेल भी बढ़ेगी और बिजनेस ग्रोथ भी करेगा। इससे आपका भी आत्मविश्वास बढ़ेगा, क्योंकि आपका बिजनेस कस्टमर फ्रेंडली होता है और वह जल्दी ग्रो करता है। बहुत कम समय में कस्टमर के बीच अच्छी पैठ बनाने वाले स्टार्टअप्स का उदाहरण हमारे सामने है।

बार्टर सिस्टम से बिजनेस को दें मजबूती: बिजनेस का स्तर और उसकी सेल बढ़ाने के लिए बहुत से साधन हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं। उन्हीं में से एक है बार्टर सिस्टम। आपके बजट पर बिना अतिरिक्त प्रभाव डाले बिजनेस की सेल और उसकी ग्रोथ बढ़ाने में यह एक बेहतरीन सिस्टम है। इसमें बिना किसी पैसे के आप अपने प्रोडक्ट्स या सर्विस का दूसरे व्यापार के साथ आदान-प्रदान कर सकते हैं। अपने प्रोडक्ट्स को अधिक समय तक स्टोर कर रखने से बेहतर होगा कि आप उसे इस सिस्टम के माध्यम से कस्टमर तक पहुंचा दें। दरअसल, अधिक समय तक स्टोर किए गए प्रोडक्ट्स आपके बिजनेस में हानि पहुंचाने का काम करते हैं, इसीलिए उन्हें समय रहते निकाल देना ही समझदारी है।

[डॉ. विवेक बिंद्रा, मोटिवेशनल स्पीकर एवं सीईओ, बड़ा बिजनेस]

Edited By: Sanjay Pokhriyal