नई दिल्ली, एएनआइ। स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस (नेताजी) की आज 125वीं जयंती है। इस बीच, सुभाष चंद्र बोस के भतीजे अर्धेंदु बोस का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह गांधी का शांति आंदोलन नहीं था जिसने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। आजाद हिंद फौज और नेताजी की गतिविधियों ने इस देश को स्वतंत्रता दिलाई और इसे इंग्लैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट रिचर्ड एटली ने इस बात को स्वीकार किया था।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। स्वतंत्रता सेनानी के स्मारकीय योगदान को चिह्नित करने के लिए इस दिन को 'पराक्रम दिवस' (वीरता का दिन) के रूप में मनाया जा रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडिया गेट में बोस की होलोग्राम प्रतिमा का शाम को अनावरण करेंगे।

बता दें कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को एलान किया था कि इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट से बनी भव्‍य प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान यह भी बताया था कि जब तक वो प्रतिमा तैयार नहीं हो जाती तब तक उस जगह पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा मौजूद रहेगी। 

ममता बनर्जी ने की सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग

वहीं, आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी से 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की अपील की है। ममता बनर्जी ने कहा है कि पूरे देश के लोग अपने महान राष्ट्रनायक को श्रद्धांजलि दें, इसके लिए जरूरी है कि नेताजी जन्मदिवस के दिन राष्ट्रीय छुट्टी हो।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan