नई दल्ली, एएनआइ। बाढ़ व चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार नई बटालियन अगले साल से पूरी तरह से काम करने लगेंगी। इनके केंद्र जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में होंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने अगस्त 2018 में एनडीआरएफ की चार नई बटालियन के गठन के लिए हरी झंडी दी थी।

एनडीआरएफ के महानिरीक्षक अमरेंद्र कुमार सेंगर ने खास बातचीत में कहा, 'फिलहाल एनडीआरएफ की 12 बटालियन पूरी तरह काम कर रही हैं। दो साल पहले सरकार ने चार और बटालियन बनाने की अनुमति दी थी। इनमें असम रायफल की एक बटालियन पूरी रह प्रशिक्षित हो चुकी है, जबकि आइटीबीपी की दो बटालियन जल्द ही प्रशिक्षण पूरी कर लेगी। बीएसएफ की एक बटालियन आंशिक रूप से शामिल कर ली गई है और अगले एक साल में उसे पूरी तरह से शामिल करा लिया जाएगा।

बता दें कि हाल ही में यूपी के सिद्धार्थनगर में एनडीआरएफ की टीम ने मानव सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ग्रामीणों को बाढ़ जैसी आपदा से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान सभी को बाढ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व किए जाने वाले उपायों की जानकारी देने के साथ ही उसका माक ड्रिल भी दिखाया गया।

जिलाधिकारी दीपक मीणा की पहल पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान 11वीं एनडीआरएफ के कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देशन में राहत व बचाव कार्य हेतु एनडीआर एफ की एक टीम निरीक्षक गोपी गुप्ता के नेतृत्व में तैनात किया गया है।

मास्टर प्रशिक्षकों उप निरीक्षक राजेश लाल एवं इनकी टीम ने बाढ़ जैसी आपदा से बचाव के लिए आपदा से पूर्व, दौरान व बाद में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देने के साथ बाढ़ के दौरान जीवन सुरक्षा हेतु स्थानीय संसाधनों से निर्मित रक्षक जैकेट और दूषित जल को घर पर फिल्टर करने का तरीका, मच्छरों से बचाव के तरीके, सांप काटने पर दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार तथा भूकंप, भूस्खलन जैसी आपदाओं में घायल हुए व्यक्तियों को अस्पताल से पूर्व चिकित्सा उपायों के बारे में जानकारी दी।