नई दिल्‍ली, आइएएनएस। भारत सरकार (Indian government) और न्‍यू डेवलपमेंट बैंक (New Development Bank, NDB) बुधवार को एक लोन एग्रीमेंट पर सहमत हुए। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत न्‍यू डेवलपमेंट बैंक (New Development Bank, NDB) भारत को अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए एक अरब डॉलर का कर्ज मुहैया कराएगा। एनडीबी से मिले इस कर्ज से ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने का काम होगा। 

यह कर्ज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) और ग्रामीण रोजगार सृजन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाएगा। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते घरेलू आपूर्ति प्रभावित हुई। यही नहीं इसके चलते डिमांड प्रभावित हुई नतीजतन आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देशव्‍यापी लॉकडाउन के चलते बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा। कामगारों की आय पर गहरा धक्‍का लगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों के रोजगार और आमदनी में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस कर्ज से महामारी के प्रतिकूल आर्थिक प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सुधार और खुशहाली का रास्‍ता भी खुलेगा। 

यह रकम प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन पर भी खर्च की जाएगी जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ साथ और रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा मिलेगा जो आर्थिक गिरावट को रोकने में मददगार साबित होगा। इससे खासतौर पर प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन करने में मदद मिलेगी जो महामारी के चलते अपनी आजीविका खो चुके हैं।