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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में बदले समीकरण से राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंचा राजग

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Sun, 30 Jul 2017 08:09 PM (IST)Updated: Sun, 30 Jul 2017 08:24 PM (IST)

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू के उच्च सदन में 10 सदस्य हैं। उनके साथ आने से 245 सदस्यीय उच्च ...और पढ़ें

बिहार में बदले समीकरण से राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंचा राजग
बिहार में बदले समीकरण से राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंचा राजग

नई दिल्ली, प्रेट्र : जदयू के भाजपा के साथ आने और क्षेत्रीय मित्र दलों के समर्थन से राज्यसभा में राजग का संख्या बल बहुमत के बेहद नजदीक पहुंच गया है। यह स्थिति सरकार के विधायी एजेंडे के लिए बेहद सकारात्मक है।

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू के उच्च सदन में 10 सदस्य हैं। उनके साथ आने से 245 सदस्यीय उच्च सदन में राजग सदस्यों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। हालांकि, भाजपा से हाथ मिलाने के नीतीश कुमार के फैसले का उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों ने विरोध किया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि वह संसद में भी पार्टी के फैसले का विरोध करेंगे।

केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन से मध्य प्रदेश से खाली हुई सीट पर भाजपा की जीत निश्चित है, जबकि गुजरात की एक सीट कांग्रेस से छीनकर राजग सदस्यों की संख्या 91 तक पहुंच सकती है। अन्नाद्रमुक, बीजद, तेलंगाना राष्ट्र समिति, वाईएसआर कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय लोकदल जैसे क्षेत्रीय दलों की कुल संख्या 26 है और वे अक्सर सरकार का समर्थन करते हैं। आठ में से चार मनोनीत सदस्यों का समर्थन भी सरकार को हासिल है। इस तरह यह संख्या 121 हो जाती है, जो बहुमत के आंकड़े 123 से महज दो कम है। उत्तर प्रदेश की नौ में से आठ सीटें अगर भाजपा ने जीत लीं तो मानसून सत्र में सरकार के लिए यह एक उपलब्धि होगी।

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हालांकि, बिहार में राजग को कुछ नुकसान हो सकता है क्योंकि अगले साल मार्च-अप्रैल में वहां की छह सीटों पर चुनाव होने हैं। वर्तमान में इन सीटों पर जदयू और भाजपा के क्रमश: चार और दो सदस्य हैं, लेकिन आगामी चुनावों में राजद-कांग्रेस गठजोड़ तीन सीटों पर जीत हासिल कर सकता है।