SIR विवाद: 'सभी गलतफहमियां दूर हुईं', NDA के सहयोगियों ने चुनाव आयोग की बैठक और फैसले का किया स्वागत
एनडीए के सहयोगी दलों ने शनिवार को चुनाव आयोग के प्रेस नोट का स्वागत किया। यह नोट मीडिया रिपोर्ट के ...और पढ़ें

NDA के सहयोगियों ने चुनाव आयोग की बैठक और फैसले का किया स्वागत (फोटो- एक्स)
HighLights
एनडीए के सहयोगी दलों ने शनिवार को चुनाव आयोग के प्रेस नोट का स्वागत किया
हाल के महीनों में आयोग ने देशभर में एसआईआर सहित कई फैसले लिए हैं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही एसआईआर विवाद को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इस बीच सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों ने शनिवार को चुनाव आयोग के प्रेस नोट का स्वागत किया।
यह नोट मीडिया रिपोर्ट के जवाब में जारी किया गया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दरार होने का दावा किया गया था।
चुनाव आयोग के प्रेस नोट में कहा गया कि हाल के महीनों में आयोग ने देशभर में एसआईआर सहित कई फैसले लिए हैं। 24 जून 2025 को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया था, जो बिहार से शुरू होकर पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 के आदेश में इसे बरकरार रखा है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का कार्यक्रम 14 मई 2026 को सर्वसम्मति से जारी किया गया। अंतिम मतदाता संख्या चरण-III के शेष 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही पता चलेगी।
चिराग पासवान का बयान
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि जनता के मन में उठने वाले सवालों को सामने लाना उनकी जिम्मेदारी थी।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि जनता की तरफ से एसआईआर को लेकर जो चिंताएं हमारे सामने आईं, उन्हें हमने चुनाव आयोग के सामने रखा... आज चुनाव आयोग ने सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बिंदुवार अपना रुख साफ कर दिया है।
आगे कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया, तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति और कैबिनेट सचिव से मुलाकात से जुड़े तथ्य भी स्पष्ट रूप से सामने रखे गए हैं। यह स्पष्टता लोकतंत्र में जनता के विश्वास को और मजबूत करती है।
चंद्रबाबू नायडू का स्वागत
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी चुनाव आयोग के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे संवैधानिक संस्थानों की विश्वसनीयता फिर से पुष्ट हुई है।
नायडू ने लिखा कि अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए भारत के लोकतांत्रिक ढांचे या चुनावी प्रक्रियाओं में वैश्विक विश्वास को कमजोर करने के प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
चुनावी नतीजे जनता के जनादेश को दर्शाते हैं। मजबूत लोकतंत्र में नेतृत्व का मतलब जीत और हार दोनों को शालीनता और विनम्रता से स्वीकार करना भी है। हमारे संवैधानिक संस्थानों का सम्मान सर्वोपरि है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस नीत विपक्षी इंडिया गठबंधन पर एसआईआर को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
एनडीए के घटक दल एलजेपी, टीडीपी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और जनता दल (सेक्युलर) ने भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग से विस्तृत जवाब मांगा था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त संधू और जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनावी रोल पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी।
