नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों और प्रशासन के बीच फीस बढ़ोत्तरी सहित कई मुद्दों को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए आखिरकार अब केंद्र सरकार को दखल देनी पड़ी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालय में शांति बहाली सहित छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत शुरु करने को लेकर सोमवार को तीन सदस्यों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। जिसकी अध्यक्षता यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर वी एस चौहान करेंगे। कमेटी ने फिलहाल अपना काम शुरू कर दिया है।

उच्‍च स्‍तरीय कमेटी का गठन 

जेएनयू विवाद को सुलझाने के लिए गठित इस उच्च स्तरीय कमेटी में इसके अलावा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सहत्रबुद्धे और यूजीसी के सचिव रजनीश जैन को भी रखा गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव आर. सुब्रमण्यम ने ट्वीट कर कमेटी गठित करने की जानकारी दी है। साथ ही कहा कि यह कमेटी छात्रों और विवि प्रशासन से बातचीत करके शांतिपूर्ण रास्ता निकालेगी।

बातचीत के लिए छात्रों को बुलाया 

इस बीच गठन का ऐलान होते ही कमेटी सक्रिय हो गई है। कमेटी ने इस मामले में कई छात्रों को नोटिस जारी कर उन्हें बातचीत के लिए बुलाया है। माना जा रहा है मंगलवार को छात्रों के साथ उनकी पहली बैठक हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले 17 दिनों से छात्र हॉस्टल फीस में वृद्धि के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। फीस वृद्धि सहित छात्रावास के नियमों में किए गए बदलावों को लेकर छात्रों का यह आंदोलन पिछले दिनों जेएनयू के दीक्षांत समारोह के दौरान उग्र हो गया है।

इस दौरान छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कई घंटे तक घेराव भी किया था। हालांकि इस दौरान छात्रों के प्रतिनिधियों से निशंक ने बातचीत भी की थी। साथ ही उनके दिक्कतों को जल्द ही दूर करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद तो जेएनयू ने बढ़ाई गई फीस को काफी कम किया है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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