यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
‘असफलता से मिलता है अनुभव और अनुभव से सफलता’
एडीजी ऑनलाइन के ग्रुप चेयरमैन अनुज सयाल कहते हैं कि अगर आप दिल से एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं तभी इस क्षेत्र में आएं। यहां शुरुआत में चुनौतियां आती हैं।

नई दिल्ली [अंशु सिंह]। टेक्नोलॉजी एवं डिजिटल डोमेन में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले एंटरप्रेन्योर अनुज सयाल ने 2013 में ‘एडीजी ऑनलाइन’ की नींव रखी। आज ये शीर्ष फार्च्यून 500 कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं, जिनमें ब्लू चिप कंपनियों के अलावा सरकारी संस्थान भी शामिल हैं। हाल ही में इन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ दीपोत्सव एवं कुंभ मेले के लिए डिजिटल कैंपेन चलाया। एडीजी ऑनलाइन के ग्रुप चेयरमैन अनुज सयाल कहते हैं कि अगर आप दिल से एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं, तभी इस क्षेत्र में आएं। यहां शुरुआत में अनेक प्रकार की चुनौतियां आती हैं। उन असफलताओं से डरना नहीं, बल्कि सीखते हुए आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि असफलता से अनुभव मिलता है और अनुभव से सफलता...।
मेरा जन्म चंडीगढ़ में हुआ। वहीं पला-बढ़ा। बचपन से खेलों का शौक रहा है। क्रिकेट, बैडमिंटन के अलावा स्क्वैश खेलता रहा हूं। पंजाब यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद आइआइएम कलकत्ता से मैनेजमेंट किया। उसके बाद 1999 में इंटेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के साथ टेरिटरी हेड (चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर) के रूप में नौकरी की शुरुआत की। यहां करियर में अच्छी ग्रोथ मिली। दो साल के बाद मुझे प्रोन्नति देकर दिल्ली भेज दिया गया, जहां दक्षिण एशिया के मदरबोर्ड बिजनेस को संभालने की जिम्मेदारी मिली।
इंटेल में मिला एक्सपोजर
इंटेल अमेरिका की एक बड़ी कंपनी थी। मैं खुशनसीब रहा कि करियर की शुरुआत इससे हुई। यहां मुझे काफी एक्सपोजर मिला। बड़ा और कुछ अलग हटकर सोचने का अवसर मिला। जब आप सर्वश्रेष्ठ ब्रांड, टेक्नोलॉजी एवं टीम के साथ काम करते हैं, तो सीखने की प्रक्रिया भी काफी सरल हो जाती है।
सोशल मीडिया की ओर रुझान
एमएनसी में काम करते हुए आप सीख पाते हैं कि कैसे बड़ा सोचा जाता है, बड़ी योजनाएं बनाई जाती हैं, आइडिया दिए जाते हैं और फिर खुद का सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस देना होता है? अपने पेशेवर सफर में मैंने काफी कुछ सीखा है। 2007 में मेरा सोशल मीडिया की ओर रुझान हुआ। मैंने इंटेल के लिए सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी बनानी शुरू की। 2010 तक लोग मुझे सोशल मीडिया गुरु कहने लगे। तभी एहसास हुआ कि अब कुछ अपना शुरू करने का वक्त आ गया है, जिसके जरिये विभिन्न कंपनियों को सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी बनाने में मदद कर सकूं और फिर 2013 में शुरुआत हुई एडीजी ऑनलाइन की। इसे मैंने पत्नी के साथ मिलकर किया है।
चार जोन हैं जीवन में
उद्यमिता में आना आसान नहीं था। यह एक यात्रा है, न कि पड़ाव। मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि हमारे जीवन में चार प्रकार के जोन होते हैं-कंफर्ट जोन, फियर जोन, लर्निंग जोन एवं ग्रोथ जोन। नौकरी करते हुए हम कंफर्ट जोन में होते हैं, क्योंकि वहां सुरक्षित माहौल होता है। अच्छी सैलरी होती है। सब नियंत्रण में रहता है। फियर जोन में होने पर क्षमता होने के बावजूद आप सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। ऐसा परिजनों, करीबी रिश्तेदारों के प्रभाव या आत्मविश्वास की कमी के कारण भी होता है। लेकिन जैसे ही आप कंफर्ट जोन को विस्तार देते हैं, तो आप लर्निंग जोन में पहुंच जाते हैं। इससे नई चीजें, स्किल सीख पाते हैं। चुनौतियों का सामना करना और समस्याओं को सुलझाना आ जाता है। यहां आप सबसे ज्यादा सीखते हैं। ग्रोथ जोन में तब आते हैं, जब कुछ बड़ा सपना देखते हैं, अपने पेशेवर जीवन का उद्देश्य जान पाते हैं, कोई नया लक्ष्य बनाते हैं और फिर उसे हासिल करते हैं।
छह साल में एक भी छुट्टी नहीं
एक दिलचस्प वाकया बताना चाहूंगा। एक बार इंटेल के शीर्ष पदाधिकारी ने मुझसे पूछा कि छुट्टियों में कहां जाता हूं? तब पहली बार एहसास हुआ कि मैंने छह साल में एक भी छुट्टी नहीं ली थी। वह एक क्षण था, जब मैंने तय किया कि कड़ी मेहनत के साथ खुद के लिए भी पूरा समय निकालूंगा। अब यह सुनिश्चित करता हूं कि परिवार के साथ छुट्टियों पर जाऊं। मेरे लिए सफलता का मतलब अच्छा स्वास्थ्य, पेशेवर जीवन और परिवार है। मैं मानता हूं कि अगर आपके पास संपत्ति है, लेकिन स्वास्थ्य नहीं, तो वह निरर्थक है। इसलिए मैं इन तीनों पर ध्यान देता हूं।
