नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। तीन बार लगातार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित की गांधी परिवार से भी काफी नजदीकियां थीं, उनका 10 जनपथ में बिना रोकटोक आना था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए उनको अलग से समय नहीं लेना पड़ता था। वो सीधे कभी भी उनसे मिल सकती थीं। इसके अलावा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी उनका खास लगाव था, ये दोनों भी शीला दीक्षित को परिवार का सदस्य मानकर उनसे कभी भी मिल लेते थे। 

 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गांधी परिवार से शीला दीक्षित की नजदीकियों की वजह से पार्टी में उनका कद भी ऊंचा था। वो दिल्ली में तमाम तरह की समस्याओं और उसके विकास को लेकर सोनिया और राहुल से चर्चा भी करती रहती थीं। दिल्ली को विश्व स्तर का शहर बनाने का सपना उन्हीं की देन थी, उनके समय में दिल्ली में विकास के जितने काम हुए उतने अब तक नहीं हो सके। मेट्रो ट्रैक का निर्माण और फ्लाईओवरों का जाल बिछाने का काम उन्हीं के समय शुरू हुआ था। उन्होंने ही नई दिल्ली से उत्तरी पूर्वी दिल्ली को जोड़ने के लिए सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्ताव बनाया था। इस पर कई सालों के बाद काम शुरू हो पाया। आज के समय में ये शहर के लिए एक लैंडमार्क जैसा है। 

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दिल्ली की राजनीति में शीला दीक्षित से गांधी परिवार की नजदीकियां किसी से छिपी भी नहीं है। एक महिला होने के नाते सोनिया और प्रियंका गांधी भी उनसे तमाम चीजों पर चर्चा करने में अपने को बेहतर महसूस करती थीं। चूंकि दिल्ली या आसपास की राजनीति में शीला दीक्षित जैसी दूसरी कोई नेता नहीं थी, वो हर छोटे-बड़े मुद्दे पर गांधी परिवार से संपर्क कर लेती थी और अपनी उपस्थिति दर्ज करवा देती थी। दिल्ली-एनसीआर के नेताओं में कुछ को ही गांधी परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए समय नहीं लेना पड़ता था उनमें शीला दीक्षित का नाम प्रमुखता से लिया जाता था। 

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कई बार पार्टी के दूसरे नेता शीला दीक्षित के माध्यम से गांधी परिवार तक अपने संदेश पहुंचवाया करते थे, यदि किसी के घर में कोई आयोजन होता था तो वो शीला दीक्षित के सहारे ही गांधी परिवार तक निमंत्रण देने के लिए पहुंच पाते थे। कई बार तो नेता शीला दीक्षित से गांधी परिवार के सदस्य को अपने साथ लेकर आने तक के लिए दबाव बनाते थे। उनसे कहते थे कि वो राहुल, प्रियंका या सोनिया जी में से किसी एक को भी उनके कार्यक्रम में लेकर जरूर आएं। शीला दीक्षित को भी प्रियंका गांधी के बच्चों के जन्मदिन और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में देखा जाता था। सोनिया गांधी जब विदेश से इलाज कराकर वापस लौंटी तो शीला दीक्षित उनसे मिलने वालों में सबसे पहली महिला नेता थी। 

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Posted By: Vinay Tiwari